Samachar Nama
×

ममता कुलकर्णी का दावा- 'मैंने कल्कि अवतार को देखा है, परशुराम दे रहे हैं प्रशिक्षण'

प्रयागराज, 25 जनवरी (आईएएनएस)। किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर ममता कुलकर्णी ने दावा किया है कि उन्होंने कल्कि अवतार को देखा है और भगवान परशुराम उन्हें प्रशिक्षण दे रहे हैं। उनका यह बयान एक नई चर्चा का विषय बन गया है।
ममता कुलकर्णी का दावा- 'मैंने कल्कि अवतार को देखा है, परशुराम दे रहे हैं प्रशिक्षण'

प्रयागराज, 25 जनवरी (आईएएनएस)। किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर ममता कुलकर्णी ने दावा किया है कि उन्होंने कल्कि अवतार को देखा है और भगवान परशुराम उन्हें प्रशिक्षण दे रहे हैं। उनका यह बयान एक नई चर्चा का विषय बन गया है।

आईएएनएस से बात करते हुए ममता कुलकर्णी ने कहा, ''आध्यात्मिक यात्रा केवल बाहरी दिखावे या पद से नहीं जुड़ी होती, बल्कि यह भीतर की अनुभूति और चेतना से जुड़ी होती है। मुझे कई ऐसी चीजें देखने और समझने का अवसर मिला है जो सामान्य जीवन में संभव नहीं होतीं। मैंने कल्कि अवतार को देखा है और यह भी देखा है कि भगवान परशुराम उन्हें प्रशिक्षण दे रहे हैं।''

उन्होंने कहा, ''आध्यात्मिकता के कुछ नियम होते हैं। हर बात को सार्वजनिक करना उचित नहीं होता। कुछ अनुभव केवल साधक और ईश्वर के बीच के होते हैं। मुझे बहुत कुछ पता है, लेकिन हर बात को बोलना या उजागर करना सही नहीं है।''

ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर निशाना साधते हुए ममता कुलकर्णी ने कहा, ''शंकराचार्य जैसे बड़े पद पर पहुंचने से पहले अहंकार का त्याग करना बेहद जरूरी है। अगर किसी व्यक्ति के भीतर अहंकार बचा हुआ है, तो वह उस पद की गरिमा को नहीं समझ सकता।''

राम मंदिर के मुद्दे पर ममता कुलकर्णी ने कहा, "जब लगभग पांच सौ साल के इंतजार के बाद अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो रहा था, तब देश और समाज के लगभग सभी वर्गों ने इसका स्वागत किया था। उस समय शंकराचार्य को छोड़कर सभी ने इस ऐतिहासिक क्षण को स्वीकार किया। इसका दंड उन्हें मिला, जब उन्होंने राम मंदिर में न जाने की बात कही, उसी समय ज्योतिष मठ के पास भूस्खलन हुआ। यह ईश्वर का दंड था।"

ममता कुलकर्णी ने सत्य और धर्म पर भी बात की। उन्होंने कहा कि सत्य से बड़ा कोई पुण्य नहीं है और झूठ से बड़ा कोई पाप नहीं। धर्म का असली अर्थ ही सत्य है। अगर जीवन में सत्य नहीं है, तो किसी भी तरह का वस्त्र, पद, या पहचान बेकार है।

उन्होंने कहा, "मैं पिछले 25 सालों से भगवा वस्त्र पहन रही हूं और ध्यान, तप और साधना के मार्ग पर चल रही हूं। यही मेरी जीवनशैली है, लेकिन मैं खुद को किसी वस्त्र या पद से बंधा हुआ नहीं मानती।"

राजनीति पर बोलते हुए ममता कुलकर्णी ने कहा, ''मुझे कट्टरता पसंद नहीं है और धर्म एक निजी विषय होना चाहिए।''

उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के राजनीतिक झुकाव पर भी टिप्पणी की और सवाल उठाया कि अगर समाजवादी पार्टी सत्ता में आ भी जाए, तो क्या गो-हत्या रुक जाएगी? उन्होंने मौजूदा राजनीतिक हालात पर राय देते हुए कहा कि जब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, तब तक उन्हें दूर-दूर तक कोई दूसरा नेता दिखाई नहीं देता।

वहीं, कांग्रेस के भविष्य को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें राहुल गांधी से ज्यादा प्रियंका गांधी में संभावना दिखती है।

--आईएएनएस

पीके/एएस

Share this story

Tags