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ममता बनर्जी को एसआईआर से दिक्कत क्यों : भाजपा प्रवक्ता जफर इस्लाम

नई दिल्ली, 13 जनवरी (आईएएनएस)। भाजपा प्रवक्ता जफर इस्लाम ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सवाल उठाए जाने को लेकर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में फर्जी मतदाताओं को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
ममता बनर्जी को एसआईआर से दिक्कत क्यों : भाजपा प्रवक्ता जफर इस्लाम

नई दिल्ली, 13 जनवरी (आईएएनएस)। भाजपा प्रवक्ता जफर इस्लाम ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सवाल उठाए जाने को लेकर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में फर्जी मतदाताओं को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

भाजपा प्रवक्ता जफर इस्लाम ने मंगलवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि ममता बनर्जी एसआईआर पर इसलिए सवाल उठा रही हैं क्योंकि उन्हें इस बात का डर है कि अगर सभी फर्जी मतदाताओं को चिन्हित करके उन्हें मताधिकार से वंचित कर दिया गया तो भला उन्हें मतदान करने वाले कौन बचेंगे? इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि फर्जी मतदाताओं के दम पर ही ममता बनर्जी ने अपना किला बचाकर रखा हुआ है, जिसे अब स्वीकार नहीं किया जा सकता।

भाजपा प्रवक्ता जफर इस्लाम ने कहा कि मेरा सीधा सा सवाल है कि जब एसआईआर के तहत फर्जी मतदाताओं को चिन्हित किया जा रहा है, तो इससे सीएम ममता बनर्जी को दिक्कत क्या हो रही है? अब अगर उन्हें दिक्कत हो रही है, तो यह साफ जाहिर होता है कि उनका सरोकार फर्जी मतदाताओं से है।

उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी अगर मौजूदा समय में एसआईआर का विरोध कर रही हैं, तो इससे यह साफ जाहिर होता है कि वे ऐसा करके अपना राजनीतिक किला महफूज रखने की कोशिश कर रही हैं, क्योंकि यह फर्जी मतदाताओं के सहारे ही टिका हुआ है, इसलिए वे तरह-तरह के पैंतरे आजमा रही हैं।

भाजपा नेता ने कहा कि मैं एक बात स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि ममता बनर्जी जितना चाहें, उतना विरोध करें, लेकिन एक बात साफ है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद इस देश में केवल वही मतदाता रह जाएंगे, जो वैध होंगे। अवैध मतदाताओं को पूरी तरह से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अयोध्या स्थित राम मंदिर का दर्शन करने जा सकते हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता जफर इस्लाम ने कहा कि वैसे तो यह आस्था से जुड़ा हुआ विषय है, लेकिन कई बार यह देखने को मिला है कि इस आस्था में लोग बहरुपिया बन जाते हैं।

जफर इस्लाम ने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि वे कभी जनेऊ धारी ब्राह्मण तो कभी कुछ बन जाते हैं। ऐसी स्थिति में उनकी मंशा पर सवाल उठते रहे हैं। खैर, अब वे राम मंदिर का दर्शन करने के लिए जा रहे हैं तो हम स्वागत करते हैं। हमें पूरी उम्मीद है कि वे वहां से कुछ अर्जित करके ही लौटेंगे।

उन्होंने एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे इस देश में किराएदार नहीं, बल्कि मालिक हैं।

ओवैसी के इस बयान का जफर इस्लाम ने समर्थन करते हुए कहा कि वो बिल्कुल ठीक कह रहे हैं, वो किराएदार नहीं, बल्कि मालिक हैं, लेकिन मेरा उनसे एक सवाल है कि अगर वो खुद को मालिक कह रहे हैं, तो मालिक होने का फर्ज क्यों अदा नहीं कर रहे हैं? आखिर वो क्यों हमेशा इस देश में सिर्फ एक वर्ग की ही बात करते हैं? अगर वे खुद को मालिक कह रहे हैं, तो उन्हें इस समाज में रह रहे विभिन्न वर्गों के हितों पर खुलकर बात करनी चाहिए थी, लेकिन अफसोस वे ऐसा नहीं कर रहे हैं।

भाजपा प्रवक्ता जफर इस्लाम ने ‘सामना’ के संपादकीय पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह अफसोस की बात है कि अगर सामना में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है, यह दुखद है। इससे यह साफ जाहिर होता है कि ये लोग जमीन से जुड़े हुए लोग नहीं हैं। जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल दक्षिण भारत के लोगों और उनकी परंपराओं के लिए किया गया, यह दुखद है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

इससे यह साफ जाहिर होता है कि ये लोग धरातल की वास्तविकता से अनभिज्ञ हैं। संपादकीय में इस्तेमाल की गई भाषा में आगामी बीएमसी चुनाव में उनके हार का डर है। निसंदेह उन्हें इस बात का डर है कि आगामी दिनों में उन्हें करारी हार का सामना करना होगा। राज्य की जनता अब इन लोगों को बिल्कुल भी पसंद नहीं करती है।

इसके अलावा, भाजपा प्रवक्ता जफर इस्लाम ने उस मांग का समर्थन किया, जिसमें यह कहा जा रहा है कि मुंबई का मेयर हिंदू ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि निसंदेह अगर यह कहा जा रहा है कि मेयर हिंदू ही होना चाहिए तो इसमें किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए, क्योंकि महाराष्ट्र में सर्वाधिक आबादी हिंदुओं की ही है। ऐसी स्थिति में अगर इस तरह की मांग की जा रही है तो इसमें हर्ज क्या है?

--आईएएनएस

एसएचके/वीसी

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