मालवीय नगर अग्निकांड के पीछे लालच सबसे बड़ी वजह : योगानंद शास्त्री
नई दिल्ली, 3 जून (आईएएनएस)। दिल्ली के मालवीय नगर में हुई अग्निकांड में 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इस घटना को लेकर विपक्षी दल भाजपा सरकार पर हमलावर है तो स्थानीय लोगों के अनुसार, अगर वक्त पर दमकल विभाग के कर्मचारी पहुंचते तो हताहतों की संख्या थोड़ी कम हो सकती थी।
इस मामले को लेकर पूर्व कांग्रेस विधायक योगानंद शास्त्री ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि यह बात सही है कि मैक्स अस्पताल में इलाज कराने के लिए विदेशों से, खासकर अफगानिस्तान, ईरान और अफ्रीकी देशों से लोग आते हैं और अक्सर लंबे समय तक रुकते हैं। इलाज के दौरान वह दिल्ली के टूरिस्ट स्थलों और आगरा के ताजमहल जैसी जगहों पर घूमने जाते हैं।
उन्होंने इस अग्निकांड के लिए लोगों के लालच को कारण बताया। पूर्व कांग्रेस विधायक ने कहा कि स्थानीय लोगों का लालच काफी बढ़ गया है। पहले कमरे 500 रुपए में किराए पर मिलते थे। अब उनकी कीमत 2,000–2,500 रुपए हो गई है। यह घटना भी इसी वजह से हुई है।
उन्होंने कहा कि हम किसे जिम्मेदार ठहराएं। पूरा समाज इसके लिए जिम्मेदार है, और सभी राजनेता भी, चाहे वे किसी भी पार्टी के हों। समय के साथ बहुत बड़ा बदलाव आया है। इंसानियत खत्म होती जा रही है, और दया-भाव व भाईचारा कम हो गया है। पहले, जब भी कोई मुश्किल आती थी, तो हर कोई मदद के लिए एक साथ आगे आता था। अब वे दिन चले गए हैं। हालांकि, इस मामले में स्थानीय लोगों ने आगे बढ़कर मदद की।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि 21 लोगों की मौत और दर्जनों के घायल होने की खबर बहुत ही दुखद है। दिल्ली में यह पहली घटना नहीं है, पिछले तीन महीनों में हुई यह चौथी घटना है, जिसमें पूरी तरह भाजपा शासित भ्रष्ट निगम और पुलिस की मिलीभगत दिखाई देती है, जिनमें लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है और दिल्ली सरकार की ओर से किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
उन्होंने कहा कि भीषण कांड के लिए सीधे तौर पर फायर डिपार्टमेंट और नगर निगम के अधिकारी जिम्मेदार हैं। जिनके संरक्षण में कहीं न कहीं यहां अवैध रूप से इमारत में व्यावसायिक गतिविधि चल रही थी। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की नाकामी और भ्रष्टाचार के कारण लोग मर जाते हैं और भाजपा की सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगती है।
दूसरी ओर मैक्स अस्पताल में लुधियाना से आए शुभम कुमार ने कहा कि उनके दूर के रिश्तेदार यहां भर्ती हैं, उनका इलाज इसी अस्पताल में चल रहा है। वे 10 दिनों के इलाज के लिए दिल्ली आए थे और जिस जगह पर अग्निकांड हुआ, वहीं पर तीसरे फ्लोर पर ठहरे हुए थे। अस्पताल का बिल भी काफी ज्यादा हो गया है। सरकार से गुहार है कि मुआवजा दिया जाए।
दक्षिण जिला कैट्स विभाग के समन्वयक एजाज अहमद ने बताया कि जब सूचना मिली, तो 13 से 14 एंबुलेंस यहां भेजी गई थीं। मेरे ख्याल से 2 से 3 मिनट में एंबुलेंस आ गई थी, और ज्यादा से ज्यादा मरीजों को अस्पताल शिफ्ट किया गया। मृतकों के बारे में अस्पताल प्रशासन ही जानकारी दे सकता है। उन्होंने कहा कि कुछ मरीजों की हालत बहुत खराब थी।
--आईएएनएस
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