मल्लिकार्जुन खड़गे का सरकार पर आरोप, वीडियो में कहा- एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस आरक्षण खत्म करने की हो रही साजिश
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के आरक्षण को खत्म करने की साजिश कर रही है। खड़गे ने कहा कि आरक्षण सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा है और इसे कमजोर करने की किसी भी कोशिश का कांग्रेस विरोध करेगी।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आरक्षण व्यवस्था वंचित और पिछड़े वर्गों को आगे बढ़ने का अवसर देने के लिए बनाई गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार धीरे-धीरे ऐसी नीतियां अपना रही है, जिनसे आरक्षण का प्रभाव कम हो सकता है।कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देश में लंबे संघर्ष के बाद कमजोर वर्गों को शिक्षा, रोजगार और प्रतिनिधित्व में अवसर सुनिश्चित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन अधिकारों की रक्षा करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की जिम्मेदारी है। खड़गे ने सरकार से आरक्षण व्यवस्था को लेकर स्पष्ट रुख रखने की मांग की।
उन्होंने कहा कि एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्गों के अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए। कांग्रेस हमेशा इन वर्गों के हितों की रक्षा के लिए आवाज उठाती रही है और आगे भी उठाती रहेगी।खड़गे के इस बयान के बाद आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। विपक्ष लगातार आरोप लगाता रहा है कि सरकार की कुछ नीतियों से सामाजिक न्याय की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। वहीं, सरकार की ओर से समय-समय पर कहा जाता रहा है कि वह संविधान और आरक्षण व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्ध है।
देश में आरक्षण को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर लंबे समय से बहस होती रही है। अलग-अलग दल इस मुद्दे को अपने-अपने नजरिए से उठाते रहे हैं। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण व्यवस्था रोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराने का एक प्रमुख माध्यम मानी जाती है।फिलहाल खड़गे के इस बयान के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। आने वाले दिनों में आरक्षण और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना है।

