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जल जीवन मिशन घोटाले में बड़ी कार्रवाई: गिरफ्तार सेवानिवृत्त IAS सुबोध अग्रवाल को एसीबी आज कोर्ट में करेगी पेश

जल जीवन मिशन घोटाले में बड़ी कार्रवाई: गिरफ्तार सेवानिवृत्त IAS सुबोध अग्रवाल को एसीबी आज कोर्ट में करेगी पेश

प्रदेश में जल जीवन मिशन से जुड़े करोड़ों रुपये के कथित घोटाले की जांच के बीच गिरफ्तार किए गए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल को लेकर मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें आज सोमवार को विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। इस पेशी को मामले की जांच में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, एसीबी ने सुबोध अग्रवाल को जल जीवन मिशन से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं, टेंडर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और करोड़ों रुपये के फंड के दुरुपयोग के आरोपों के तहत गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान कई परियोजनाओं में नियमों की अनदेखी कर अनुचित लाभ पहुंचाया गया, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।

यह पूरा मामला केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन से जुड़ा हुआ है, जिसका उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। लेकिन इसी योजना के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं की शिकायतें मिलने के बाद जांच एजेंसियां सक्रिय हुईं और कई स्तरों पर वित्तीय दस्तावेजों की जांच शुरू की गई।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने हाल ही में विस्तृत पूछताछ और दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद सुबोध अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें रिमांड पर लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ की गई, जिसमें टेंडर आवंटन प्रक्रिया, भुगतान अनुमोदन और परियोजना निगरानी से जुड़े सवाल शामिल थे।

जांच एजेंसियों का दावा है कि इस कथित घोटाले में केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि कई स्तरों पर प्रशासनिक और तकनीकी अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एसीबी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह अनियमितताएं सुनियोजित तरीके से की गई थीं या यह प्रशासनिक लापरवाही का मामला है।

आज की अदालत में पेशी के दौरान एसीबी सुबोध अग्रवाल की आगे की रिमांड की मांग कर सकती है, ताकि जांच को और गहराई से आगे बढ़ाया जा सके। वहीं बचाव पक्ष की ओर से रिमांड का विरोध किए जाने की संभावना है और वे इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए तर्क प्रस्तुत कर सकते हैं।

इस पूरे मामले ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दी है। जल जीवन मिशन जैसी बड़ी योजना में कथित गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद सरकार पर भी पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

फिलहाल, सभी की निगाहें अदालत की कार्यवाही पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि एसीबी को आगे पूछताछ के लिए रिमांड मिलेगी या नहीं। मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे और भी कई नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

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