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भारत-नेपाल व्यापार संबंधों में बड़ी उपलब्धि, कोलकाता पोर्ट के जरिए बिराटनगर पहुंचा कैनोला का पहला शिपमेंट

भारत-नेपाल व्यापार संबंधों में बड़ी उपलब्धि, कोलकाता पोर्ट के जरिए बिराटनगर पहुंचा कैनोला का पहला शिपमेंट
भारत-नेपाल व्यापार संबंधों में बड़ी उपलब्धि, कोलकाता पोर्ट के जरिए बिराटनगर पहुंचा कैनोला का पहला शिपमेंट

नई दिल्ली, 22 जुलाई (आईएएनएस)। भारत-नेपाल के बीच व्यापारिक संबंध तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और इसी कड़ी में कोलकाता पोर्ट से भारत के जोगबानी इंडियन कस्टम यार्ड के जरिए कैनोला के दाने का पहला शिपमेंट नेपाल के बिराटनगर में मौजूद कस्टम यार्ड पहुंच गया है।

नेपाल में मौजूद भारतीय दूतावास ने इसे भारत-नेपाल के बीच व्यापारिक संबंध बड़ी उपलब्धि बताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया कि 20 जुलाई 2026 को कोलकाता पोर्ट से भारतीय कस्टम यार्ड, जोगबनी के रास्ते कैनोला अनाज की पहली खेप नेपाल के बिराटनगर स्थित कस्टम यार्ड पहुंची। यह नेपाल-भारत ट्रांजिट संधि के प्रोटोकॉल में संशोधन संबंधी लेटर ऑफ एक्सचेंज पर नवंबर 2025 में हस्ताक्षर होने का परिणाम है।

पोस्ट में आगे कहा गया कि क्रॉस-बॉर्डर कार्गो ट्रेन सेवाएं लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने में मदद करेंगी और भारत-नेपाल के बीच व्यापार को और बढ़ावा देंगी।

पिछले वर्ष नेपाल-भारत ट्रांजिट संधि के प्रोटोकॉल में संशोधन के बाद नेपाल को बिराटनगर एकीकृत जांच चौकी (आईसीपी) के माध्यम से बल्क और कंटेनर दोनों प्रकार की रेल माल ढुलाई सेवाओं का उपयोग करने की अनुमति मिली थी। इसके बाद भारतीय सहयोग से निर्मित बिराटनगर आईसीपी पर पहली बार सीधे मालगाड़ी पहुंची है।

बिराटनगर कस्टम्स कार्यालय के मुख्य सीमा शुल्क अधिकारी उमेश श्रेष्ठ ने आईएएनएस से कहा, "स्वस्तिक ऑयल इंडस्ट्रीज के लिए कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल होने वाले कैनोला अनाज से भरे 40 कंटेनरों वाली मालगाड़ी सोमवार को आईसीपी पहुंची।"

यह खेप कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (सीओएनसीओआर) द्वारा संचालित मालगाड़ी से लाई गई। सभी कंटेनरों में इलेक्ट्रॉनिक कार्गो ट्रैकिंग सिस्टम (ईसीटीएस) लगाया गया था, जिससे पूरे मार्ग के दौरान माल की निगरानी की जा सकी।

नेपाल के कोलकाता स्थित महावाणिज्य दूतावास ने पहले जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया था कि यह मालगाड़ी 17 जुलाई को कोलकाता बंदरगाह से रवाना हुई थी। इसमें 40 उच्च क्षमता वाले कंटेनर थे, जिन्हें बिराटनगर आईसीपी स्थित कस्टम्स यार्ड तक पहुंचाया गया।

--आईएएनएस

एबीएस

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