'मैं लाइफ को प्लान नहीं करती': बिना किसी करियर योजना के आगे बढ़ीं अंतरा माली और बनाई बॉलीवुड में पहचान
मुंबई, 30 जून (आईएएनएस)। अभिनेत्री अंतरा माली ने कम समय में बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई। अलग तरह के किरदार निभाकर उन्होंने खूब सुर्खियां बटोरीं, लेकिन कुछ ही वर्षों बाद फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली। अपने इस कदम को लेकर उन्होंने एक इंटरव्यू में साफ कहा था, "मैं लाइफ को प्लान नहीं करती।" उनके इस अंदाज को लोग काफी पसंद करते हैं। उनके इस बेफिक्र अंदाज को प्रशंसकों ने काफी पसंद किया। भले ही वह अब फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय नहीं हैं, लेकिन उनके चाहने वालों की कमी नहीं है।
अंतरा माली का जन्म 1 जुलाई 1975 को मुंबई में हुआ था। वह मशहूर फोटोग्राफर जगदीश माली की बेटी हैं। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह फिल्मों में अभिनय करेंगी। 1998 में उन्होंने फिल्म 'ढूंढते रह जाओगे' से बॉलीवुड में कदम रखा। हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, लेकिन यहीं से उनके अभिनय करियर की शुरुआत हुई।
इसके बाद उन्होंने निर्देशक राम गोपाल वर्मा की 1999 में रिलीज हुई फिल्म 'मस्त' में काम किया। इसी फिल्म के बाद वे लगातार उनकी फिल्मों का हिस्सा बनने लगीं। कहा जाता है कि अंतरा माली का काम करने का तरीका काफी अलग था। वह ज्यादा तैयारी करने के बजाय सीधे किरदार को महसूस करके निभाने में विश्वास रखती थीं।
धीरे-धीरे उनका करियर आगे बढ़ने लगा और वह 'रोड', 'कंपनी', 'डरना मना है', 'नाच' और 'गायब' जैसी फिल्मों का हिस्सा बनीं। उन्होंने कई बड़े कलाकारों के साथ काम किया, लेकिन वह सफलता नहीं मिल पाई, जिसकी उन्हें उम्मीद थी।
उनकी सबसे चर्चित फिल्म 2003 की 'मैं माधुरी दीक्षित बनना चाहती हूं' रही। इस फिल्म में उन्होंने अभिनेत्री माधुरी दीक्षित की एक फैन का किरदार निभाया था। इस फिल्म में दर्शकों ने उनके अभिनय की जमकर तारीफ की थी।
वर्ष 2005 में उन्होंने अभिनय के साथ-साथ लेखन और निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रखा। फिल्म 'मिस्टर या मिस'के लेखन और निर्देशन से भी वह जुड़ी रहीं। हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही। इसके बाद उन्होंने अचानक फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली।
अंतरा माली ने एक इंटरव्यू में कहा था, ''मैंने कभी भी प्लान के मुताबिक लाइफ को नहीं जीया। मेरा जो मन करता था, मैं वहीं करती हूं। उस समय मुझे लगा कि मैं उस काम को आगे नहीं बढ़ा पा रहीं हूं, जो मैं करना चाहती थीं।''
कुछ वर्षों बाद, 2010 में उन्होंने अमोल पालेकर की फिल्म '...एंड वन्स अगेन' से वापसी की। इस फिल्म में उन्होंने एक भिक्षु का किरदार निभाया, जिसके लिए उन्होंने अपना सिर भी मुंडवा लिया था।
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