‘मैं बांग्लादेश लौटने की तैयारी कर रही हूं,' पूर्व पीएम शेख हसीना ने दोहराई वापसी की बात
नई दिल्ली, 30 सितंबर (आईएएनएस)। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एक बार फिर कहा है कि वह स्वदेश लौटने का इरादा रखती हैं। ब्रिटेन स्थित थिंक टैंक 'ग्लोबल सेंटर फॉर डेमोक्रेटिक गवर्नेंस' की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में वो वर्चुअल मोड में जुड़ीं। इस दौरान एक सवाल के जवाब में हसीना ने कहा, "मैं बांग्लादेश वापस जाने की योजना बना रही हूं।"
उनसे सवाल किया गया कि क्या वो सौ फीसदी इस बात पर कायम हैं कि इस साल दिसंबर में (जैसा उन्होंने पहले दावा किया था) बांग्लादेश लौटेंगी? हसीना ने कहा, "जी बिल्कुल, मैं पक्का इरादा रखती हूं। सभी जानते हैं कि मेरा पासपोर्ट वगैरह सब सील हो गया है। मैं योजना बना रही हूं। सही वक्त आने पर मैं खुलासा करूंगी कि कैसे और कब मैं वहां जाने वाली हूं।"
उन्होंने अपने संभावित वापसी को लेकर कहा है कि वे कानूनी परिणामों का सामना करने के लिए तैयार हैं। उनके मुताबिक, उनका बांग्लादेश लौटने का फैसला उनके देश और वहां के लोगों से जुड़ा है।
वैसे पहली बार नहीं है कि निर्वासित जीवन जी रही हसीना ने बांग्लादेश लौटने की इच्छा जाहिर की हो। इससे पहले भी वो स्वदेश लौटने का ऐलान कर चुकी हैं। 5 अगस्त को दक्षिण एशिया के फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब (एफसीसी) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी वो वीडियो लिंक के माध्यम से जुड़ी थीं और यहां भी उन्होंने स्वदेश लौटने की इच्छा जताई थी। इस कार्यक्रम में उनके साथ उनके बेटे साजीब वाजेद जॉय और पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी नौफेल सहित अन्य अवामी लीग नेता भी मौजूद थे।
इस दौरान उन्होंने कहा, “मुझे गिरफ्तार किया जा सकता है, मुझे जेल भेजा जा सकता है। लेकिन डर जनता के प्रति मेरे कर्तव्य को तय नहीं कर सकता। जब मेरे प्यारे देशवासी कष्ट झेल रहे हों, तो मैं चुप नहीं रह सकती।”
तब भी वापसी की सही तारीख को लेकर उन्होंने कहा था कि "समय आने पर" घोषणा की जाएगी, लेकिन कानूनी पेचीदगियों का हवाला दे दावा किया कि वो इस साल दिसंबर में वहां जा सकती हैं।
हसीना ने कहा था कि उनकी अवामी लीग पार्टी पर लगा प्रतिबंध हटा दिया जाना चाहिए। वहीं, उनके बेटे ने कहा था कि मौजूदा सरकार ने उनसे कोई संपर्क नहीं किया।
वहीं, जुलाई में रॉयटर्स न्यूज एजेंसी को दिए एक इंटरव्यू में भी हसीना ने कहा था कि वह दिसंबर में अपने वरिष्ठ पार्टी सहयोगियों के साथ बांग्लादेश लौटकर अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने की योजना बना रही हैं। पूर्व पीएम के खिलाफ बांग्लादेश में कानूनी मामले चल रहे हैं और उन्हें एक मामले में मृत्युदंड की सजा सुनाई जा चुकी है। हसीना ने इस फैसले को "राजनीतिक रूप से प्रेरित" बताते हुए खारिज किया था।
79 वर्षीय पूर्व पीएम को 2024 में प्रदर्शनकारियों पर क्रूर कार्रवाई का आरोप लगाने के बाद नाटकीय रूप से सत्ता से हटा दिया गया था।
--आईएएनएस
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