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महिला आरक्षण बिल को भाजपा ने बताया ऐतिहासिक कदम, विपक्ष ने इसे बताया दिखावा

भोपाल, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। महिला आरक्षण बिल पर मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विश्वास सारंग ने रविवार को समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने निश्चित रूप से इतिहास रच दिया है। उन्होंने महिलाओं के राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक जीवन को बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है, लेकिन कांग्रेस और विपक्षी नेताओं को हमेशा अच्छे कामों में दखल देने की आदत रही है।
महिला आरक्षण बिल को भाजपा ने बताया ऐतिहासिक कदम, विपक्ष ने इसे बताया दिखावा

भोपाल, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। महिला आरक्षण बिल पर मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विश्वास सारंग ने रविवार को समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने निश्चित रूप से इतिहास रच दिया है। उन्होंने महिलाओं के राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक जीवन को बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है, लेकिन कांग्रेस और विपक्षी नेताओं को हमेशा अच्छे कामों में दखल देने की आदत रही है।

भाजपा सांसद मालविका देवी ने कहा कि आप सभी जानते हैं कि 16, 17 और 18 तारीख को हम सभी सांसद लोकसभा और राज्यसभा में बैठेंगे और उस दिन महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण वाला बिल पास हो जाएगा। इसका मतलब है संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण। यह एक बहुत बड़ा बिल होने वाला है। यह देश का चेहरा बदल देगा। मैं आप सभी से अनुरोध करना चाहूंगी कि आप इस बिल का समर्थन करें और इस बिल को पास करवाने में हमारी मदद करें।

महिला आरक्षण बिल पर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव नजदीक आ रहे हैं। ऐसे में भाजपा लोगों को यह याद दिलाना चाहती है कि महिलाओं को आरक्षण उन्हीं की वजह से मिल रहा है, ताकि उन्हें महिलाओं के वोट मिल सकें।

महिला आरक्षण बिल पर भाजपा महिला मोर्चा की आंध्र प्रदेश अध्यक्ष निशिदा राजू ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 एक ऐतिहासिक संवैधानिक संशोधन है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की ओर से लागू किया जाएगा। इसलिए एक महिला के तौर पर हम बहुत खुश हैं। हमें यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि संसद के साथ-साथ राज्यों की विधानसभाओं में भी प्रतिनिधियों के रूप में हमारी हिस्सेदारी 33 प्रतिशत, यानी एक तिहाई होने जा रही है।

महिला आरक्षण बिल पर टीएमसी सांसद डोला सेन ने कहा कि मैं फिर से दोहराऊंगी कि वे असलियत से कहीं ज्यादा दिखावा करते हैं। अगर वे महिला आरक्षण बिल को लेकर सच में गंभीर होते, तो उन्हें महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित कर देनी चाहिए थीं, लेकिन वे ऐसा नहीं करेंगे, जैसा कि हमारी नेता ममता बनर्जी करती हैं। चाहे फार्म बिल, लेबर कोड, यूसीसी, महिला आरक्षण बिल या कुछ भी ले लें, वे सिर्फ दिखावा करते हैं। वे बिल्कुल भी गंभीर नहीं हैं।

--आईएएनएस

एसडी/वीसी

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