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महिला आरक्षण विधेयक पर भाजपा सांसदों ने कहा- कोई भी समाज और राष्ट्र महिलाओं की तरक्की के बिना आगे नहीं बढ़ सकता

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महिला सांसदों ने महिला आरक्षण विधेयक पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया और उम्मीद जताई कि देश की आधी आबादी के लिए सभी राजनीतिक दल एकजुट होंगे।
महिला आरक्षण विधेयक पर भाजपा सांसदों ने कहा- कोई भी समाज और राष्ट्र महिलाओं की तरक्की के बिना आगे नहीं बढ़ सकता

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महिला सांसदों ने महिला आरक्षण विधेयक पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया और उम्मीद जताई कि देश की आधी आबादी के लिए सभी राजनीतिक दल एकजुट होंगे।

ओडिशा के भुवनेश्वर से भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "मुझे इस बात पर बेहद गर्व है कि 2023 में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के नाम से महिला आरक्षण बिल पास हुआ। यह सब प्रधानमंत्री की शानदार पहल की वजह से मुमकिन हो पाया। अब, लोकसभा और राज्यसभा में इस बिल के पास होने के बाद हमारा असली काम शुरू हुआ है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि यह बिल, जमीनी स्तर पर ठीक से लागू हो।"

उन्होंने कहा, "'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के प्रावधानों को असल में लागू करने से पहले परिसीमन की प्रक्रिया भी पूरी होनी है। मैं प्रधानमंत्री की तहे दिल से शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने 16, 17 और 18 अप्रैल को 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को लागू करने की प्रक्रिया पर चर्चा के लिए एक बहुत ही खास सत्र बुलाया है। मैं सचमुच इसका बेसब्री से इंतजार कर रही हूं और मुझे पूरा यकीन है कि देश की 50 प्रतिशत आबादी के लिए सभी राजनीतिक दल एकजुट होंगे।"

अपराजिता सारंगी ने कहा कि कोई भी समाज और राष्ट्र महिलाओं की तरक्की के बिना आगे नहीं बढ़ सकता। इसलिए मुझे लगता है कि मैं बहुत ही रचनात्मक सुझावों का इंतजार कर रही हूं। हम सभी को मिलकर एकजुट होना चाहिए। लोकसभा में करीब 42 राजनीतिक दल हैं। इसलिए मेरा मानना ​​है कि इस खास मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होना चाहिए।"

वहीं, आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी से लोकसभा सांसद डी. पुरंदेश्वरी ने महिला आरक्षण विधेयक पर कहा, "यह बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह बिल लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़ा था। महिलाएं इस अवसर का इंतजार कर रही थीं। जब 73वां और 74वां संशोधन पारित हुआ, जिसमें स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया, तो इससे इस विश्वास को बल मिला कि महिलाएं नेतृत्व की भूमिकाओं में आगे आएंगी।"

विपक्ष के विरोध को लेकर उन्होंने कहा, "मेरा पहला सवाल आपके माध्यम से यही होगा कि क्या वे नहीं चाहते कि महिलाएं आगे आएं और नेतृत्व की भूमिकाएं निभाएं? यह बहुत महत्वपूर्ण है, और जहां भी महिलाओं ने नेतृत्व की भूमिकाएं निभाई हैं, उन्होंने खुद को साबित किया है। इसलिए, हमारे यहां एक महिला प्रधानमंत्री रही हैं, और दो महिला राष्ट्रपति भी रही हैं।"

--आईएएनएस

डीसीएच/

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