महिला आरक्षण संशोधन बिल पास नहीं होने के विरोध में भाजपा ने भोपाल में निकाली जनाक्रोश पदयात्रा
भोपाल 20 अप्रैल (आईएएनएस) लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल के पारित नहीं होने के विरोध में सोमवार को भाजपा ने भोपाल के एमवीएम मैदान से जन आक्रोश महिला पदयात्रा निकाली। महिलाओं का कहना है कि कांग्रेस और विरोधी दल महिलाओं की तरक्की में बाधा खड़ी कर रहे हैं।
भाजपा के आह्वान पर पूरे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी तादाद में महिलाएं एमवीएम मैदान पहुंचीं। उन्होंने महिला आरक्षण संशोधन बिल के लोकसभा में पारित न हो पाने के लिए कांग्रेस और विरोधी दलों को जिम्मेदार ठहराया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, कांग्रेस सहित अन्य विरोधी दल महिलाओं के हक पर डाका डालकर अपने मंसूबे पूरा करना चाहते हैं, जो कभी पूरे नहीं होने वाले हैं। इन पार्टियों के खिलाफ महिलाएं भोपाल की सड़कों पर उतरकर अपने हक की लड़ाई लड़ने आई हैं। हमारा तो गौरवशाली अतीत रहा है। बहनों के हक की लड़ाई हमेशा भाइयों ने लड़ी है। चाहे राजा राममोहन राय की बात हो जिन्होंने सती प्रथा के खिलाफ लड़ाई लड़ी या फिर ज्योतिबा फुले की जिन्होंने नारी समानता के लिए लड़ाई लड़ी, उनका वह संघर्ष हमें याद रखना है।
भीमराव अंबेडकर ने बहनों के अधिकारों को दिलाने के लिए महात्मा गांधी से लेकर अटल बिहारी वाजपेई और वर्तमान के प्रधान नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के हक की लड़ाई लड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का जिक्र करते हुए मोहन यादव ने कहा कि नारी सब कुछ भूल जाती है, मगर अपना अपमान नहीं भूलती। यही हमें याद रखना है। भाजपा ने चाहा था कि सारे दल मिलकर इस विषय का समर्थन करें।
प्रधानमंत्री ने कहा है कि संख्या बल दो तिहाई हमारे पास नहीं था, लेकिन आत्म बल की कमी नहीं है, इच्छा शक्ति की कमी नहीं है। देश की आधी आबादी की इच्छाओं का गला घोंटने वालों को कब्र से भी निकालकर सजा दिलाई जाएगी, क्योंकि उन्होंने बहनों के साथ अन्याय किया है। महिलाएं उन्हें माफ नहीं करेंगी।
रैली को संबोधित करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस और विरोधी दलों के क्रियाकलापों को महिला विरोधी बताया। साथ ही कहा कि कांग्रेस, भाजपा का विरोध करते-करते महिलाओं की विरोधी हो गई है। सवाल उठता है कि उन्हें यह अधिकार आखिर दिया किसने है।
--आईएएनएस
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