महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ना राजनीतिक चाल: शशि पांजा
कोलकाता, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के खारिज होने के बाद राजनीतिक बयानबाजियां जारी है। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री शशि पांजा ने सोमवार को इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधते हुए इसे महिलाओं के हितों से दूर एक राजनीतिक प्रयास करार दिया।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में शशि पांजा ने कहा कि यह एक बहुत ही गलत और बेबुनियाद आरोप है। साफ तौर पर देखा जा सकता है कि यह परिसीमन विधेयक और संवैधानिक संशोधन विधेयक को पारित करवाने की एक कोशिश थी। महिला आरक्षण बिल तो 2023 में पहले ही पास हो चुका है, उसे दोबारा पास करने का सवाल ही नहीं उठता।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का यह कदम महिलाओं की वास्तविक सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़ा नहीं था। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े विधेयक को परिसीमन के जरिए पेश करने की कोशिश की गई, जो कि पूरी तरह भ्रामक है। यह महिलाओं के हित में नहीं, बल्कि राजनीतिक फायदे के लिए उठाया गया कदम था।
भाजपा की मंशा पर सवाल उठाते हुए पांजा ने कहा कि पार्टी भविष्य के चुनावों को ध्यान में रखते हुए सीटों की संख्या बढ़ाने की कोशिश कर रही है। उनकी यह रणनीति 2029 के चुनावों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। महिलाओं को और अधिक शक्ति देने का उनका कोई वास्तविक इरादा नहीं है। उन्होंने दावा किया कि इस तरह के कदमों से जनता भ्रमित नहीं होगी और आने वाले समय में भाजपा को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा को भविष्य में हार का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि जनता अब इन राजनीतिक चालों को समझ चुकी है।
बता दें कि शुक्रवार को 528 सदस्यों की उपस्थिति और मतदान के साथ, संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े, जिसमें सरकार को लगभग 54 वोटों की कमी रह गई थी।
--आईएएनएस
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