भीलवाड़ा में जनमंच पर महावीर प्रसाद वैष्णव ने रुला दिया, सूदखोरों की प्रताड़ना से बेटे की मौत का दुख साझा
राजस्थान पत्रिका के जनमंच कार्यक्रम में बुधवार को भीलवाड़ा वासियों का दर्द छलक पड़ा। मांडलगढ़ निवासी महावीर प्रसाद वैष्णव ने रुआंसे होते हुए बताया कि सूदखोरों की प्रताड़ना के कारण उनके बेटे ने पांच साल पहले जान दे दी, लेकिन अब तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
महावीर प्रसाद ने कार्यक्रम में भावुक होते हुए कहा कि न्याय की तलाश में उन्होंने कई बार थाने और प्रशासन के पास शिकायत दर्ज कराई, लेकिन किसी भी स्तर पर ठोस कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे और उनके परिवार इस मामले को उच्चस्तरीय अधिकारियों और मीडिया के सामने उठाने के लिए बाध्य होंगे।
जनमंच में उपस्थित अन्य नागरिकों ने भी महावीर प्रसाद के दर्द को साझा किया और सूदखोरी जैसी घटनाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। लोग बोले कि ऐसे मामलों में शीघ्र कार्रवाई न होने से पीड़ित परिवारों का मनोबल टूटता है और समाज में असुरक्षा की भावना बढ़ती है।
कार्यक्रम के आयोजकों ने आश्वासन दिया कि इस मामले की गंभीरता से रिपोर्टिंग की जाएगी और संबंधित अधिकारियों को जानकारी पहुंचाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित परिवारों के लिए न्याय और सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि सूदखोरी और आर्थिक दबाव के कारण परिवारों में होने वाली त्रासदियों को रोकने के लिए प्रशासन को समय पर कार्रवाई करनी होगी। ऐसा न होने पर पीड़ित परिवारों में न्याय के प्रति अविश्वास बढ़ता है। स्पष्ट है कि भीलवाड़ा जनमंच में महावीर प्रसाद वैष्णव का दर्द समाज के सामने आया और इसने प्रशासन और नागरिकों के बीच न्याय सुनिश्चित करने की आवश्यकता को उजागर किया।

