महाराष्ट्र: वसई-विरार के 5 लाख बिजली ग्राहकों को 11.37 करोड़ की बचत, महावितरण ने गिनाए फायदे
पुणे, 5 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के वसई में बिजली बिल की शिकायतों और बिजली खपत पर नियंत्रण की चुनौती के बीच स्मार्ट मीटर वसई-विरार के लाखों बिजली ग्राहकों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है।
महावितरण की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, वसई मंडल के करीब 5 लाख बिजली ग्राहकों ने पिछले डेढ़ वर्ष में लगभग 11 करोड़ 37 लाख रुपए की बचत की है। स्मार्ट मीटर के जरिए बिजली खपत की सटीक जानकारी मिलने के साथ ग्राहकों को अलग-अलग योजनाओं के तहत आर्थिक लाभ भी मिल रहा है।
महावितरण के अनुसार, वसई विभाग के करीब 2 लाख ग्राहकों को चालू वित्त वर्ष में 2 करोड़ 41 लाख रुपए का लाभ मिला है। पिछले वर्ष यह लाभ 1 करोड़ 65 लाख रुपए था। वहीं, विरार विभाग के 2 लाख 88 हजार बिजली ग्राहकों को चालू वित्त वर्ष में करीब 4 करोड़ रुपए का लाभ मिला है, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 3 करोड़ 27 लाख रुपए था।
स्मार्ट मीटर लगने के बाद ग्राहक मोबाइल ऐप के जरिए हर घंटे अपनी बिजली खपत की जानकारी देख सकते हैं। इससे बिजली बिल में पारदर्शिता बढ़ती है और ग्राहक अपने बिजली इस्तेमाल के साथ-साथ बिल पर भी नियंत्रण रख सकते हैं। इतना ही नहीं, स्मार्ट मीटर के मोबाइल ऐप से घर या कार्यालय में अर्थिंग की समस्या अथवा बिजली रिसाव की जानकारी भी मिल सकती है। इससे समय रहते समस्या का पता लगाकर आवश्यक कदम उठाना संभव होता है।
स्मार्ट मीटर की मदद से ग्राहक यह भी देख सकते हैं कि उन्होंने दिन के किस समय कितनी बिजली का इस्तेमाल किया। इसी के आधार पर घरेलू बिजली ग्राहकों को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक इस्तेमाल की गई बिजली पर प्रति यूनिट 85 पैसे की छूट मिलती है। इसके अलावा, मोबाइल ऐप के जरिए बिल भुगतान करने पर डिजिटल पेमेंट की छूट और ‘गो ग्रीन’ योजना के तहत हर महीने 10 रुपए की छूट भी दी जाती है।
स्मार्ट मीटर को लेकर सबसे बड़ा भ्रम यह है कि ये प्रीपेड मीटर हैं और इनमें पहले से पैसे भरने पड़ते हैं। महावितरण ने इस भ्रम को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर पोस्टपेड ही हैं। वर्तमान व्यवस्था की तरह, ग्राहक पहले बिजली का इस्तेमाल करेंगे और महीने के अंत में बिजली बिल का भुगतान करेंगे।
महावितरण ने स्मार्ट मीटर को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम से बचने की अपील की है। कुछ स्तरों पर स्मार्ट मीटर लगने से बिजली दर बढ़ने का गलत प्रचार किया जा रहा है। महावितरण के मुताबिक, स्मार्ट टीओडी तकनीक के कारण घरेलू ग्राहकों के बिजली बिल को कम करने में मदद मिलेगी। मीटर की पारदर्शिता के चलते ग्राहकों को इस्तेमाल की गई बिजली के अनुसार ही भुगतान करना होगा।
महावितरण के कल्याण परिमंडल के मुख्य अभियंता चंद्रमणि मिश्रा ने कहा कि स्मार्ट मीटर अचूकता और बचत का संगम है। उन्होंने ग्राहकों से बदलती तकनीक को अपनाने, स्मार्ट मीटर लगाने में सहयोग करने और महावितरण की आधुनिक सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की।
--आईएएनएस
डीके/डीकेपी

