महाराष्ट्र में शिवसेना की महिला सेना का 'शिव दुर्गा-शिव संवाद दौरा' शुरू, संगठन विस्तार पर जोर
मुंबई, 13 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में शिवसेना (शिंदे गुट) की महिला सेना द्वारा "शिव दुर्गा-शिव संवाद दौरा" एक राज्यव्यापी संपर्क अभियान शुरू किया गया है। इसको लेकर एमएलसी मनीषा कायंदे ने कहा कि यह एक बहुत ही महत्वाकांक्षी दौरा है। एकनाथ शिंदे और श्रीकांत शिंदे की संकल्पना से यह दौरा तय हुआ है। इस अभियान के माध्यम से महिला नेतृत्व महाराष्ट्र भर में सभी ग्रासरूट कार्यकर्ताओं तक पहुंचेंगे। कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुनना, पार्टी को और मजबूत करना तथा संगठन का विस्तार करना इस दौरे का उद्देश्य है।
उन्होंने कहा, "दिन-प्रतिदिन विभिन्न पार्टियों से लोग हमारे पक्ष में शामिल हो रहे हैं। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में विश्वास रखते हुए और युवा नेता श्रीकांत शिंदे को देखकर भी कई लोग शिवसेना में प्रवेश कर रहे हैं। महिलाओं की भी बड़ी संख्या में पार्टी में भागीदारी बढ़ रही है, इसलिए उन्हें उचित जिम्मेदारी देकर नेतृत्व के लिए तैयार करना और संगठन को ग्रासरूट स्तर तक सुदृढ़ करना हमारा लक्ष्य है।"
महाराष्ट्र में गुटखा तस्करों पर मकोका के तहत कार्रवाई करने के हालिया आदेश को लेकर उन्होंने कहा कि यह सारी बातें पहले से ही विभिन्न कानूनों और अधिनियमों के अंतर्गत आती हैं। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे केवल उन्हें लागू कर रही है। जो समाज में गलत कार्य कर रहे हैं और लोगों को मिलावटी या हानिकारक पदार्थ दे रहे हैं, वे अपराध कर रहे हैं और यह संगठित अपराध की श्रेणी में आता है।
उन्होंने कहा कि दूध में मिलावट करना भी एक अपराध है। पिछले अधिवेशन में महाराष्ट्र सरकार ने घोषणा की थी कि दूध में मिलावट करने वालों पर मकोका लगाया जाएगा। इसी तरह पान मसाला, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। आज लोग यह नहीं पहचान पा रहे हैं कि जो पनीर वे खा रहे हैं वह असली है या नकली। यदि इस प्रकार की गलत गतिविधियां हो रही हैं और लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, तो निश्चित रूप से ऐसे लोगों को जेल में डाला जाना चाहिए।
संजय राउत द्वारा पीएम मोदी को 'अघोरी' कहने पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मनीषा कायंदे ने कहा कि संजय राउत के ऐसे बयानों पर सवाल उठता है। पहले वे प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते थे और अब उनकी आलोचना कर रहे हैं। इस तरह के विरोधाभासी बयानों से उनकी मानसिक स्थिति पर सवाल उठता है।
स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे के शो विवाद पर उन्होंने कहा कि कुछ स्टैंड-अप कॉमेडियन, जैसे कुणाल कामरा सहित अन्य, लगातार मर्यादाएं लांघ रहे हैं। वे लोगों का मजाक उड़ाते हैं, यहां तक कि परिवारों और शव पर भी अनुचित टिप्पणियां करते हैं। यह अत्यंत आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को वह विधान परिषद के आगामी अधिवेशन में स्वयं उठाएंगी।
टीएमसी में बगावत पर उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में हाल के घटनाक्रमों के बाद टीएमसी की स्थिति कमजोर हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में वहां तुष्टिकरण की राजनीति हुई है और अब पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस, टीएमसी और उद्धव गुट जैसी पार्टियां एक 'डूबते जहाज' में हैं। यदि वे एक साथ रहेंगे, तो निश्चित रूप से डूब जाएंगे।
--आईएएनएस
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