महाराष्ट्र: सरकारी कार्य में बाधा डालने वाले आरोपी को 2 साल की सजा, बारामती सेशन कोर्ट का फैसला
दौंड, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के दौंड क्षेत्र से जुड़े एक मामले में बारामती स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोपी को दोषी करार दिया है। इस मामले में अदालत ने आरोपी को 2 साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, 5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया।
पुणे ग्रामीण के यवत पुलिस स्टेशन में दर्ज अपराध क्रमांक 709/2019 के तहत चल रहे इस मामले में आरोपी यशवंत उर्फ रामा पोपट भागवत (41) को भारतीय दंड संहिता की धारा 353 के तहत दोषी पाया गया।
इस मामले में सुनवाई पूरी करते हुए न्यायाधीश एचए वाणी (जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, बारामती) ने आरोपी को 2 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, 5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। न्यायालय ने यह आदेश दिया कि यदि आरोपी जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे एक माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
मामले की जांच पुलिस उपनिरीक्षक आरएम घाडगे ने की थी, जिन्होंने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट तैयार की। वहीं, न्यायालय में सरकारी पक्ष की ओर से अधिवक्ता विकास घनवट ने प्रभावी पैरवी करते हुए मामले को मजबूती से रखा।
इस पूरे प्रकरण में नारायण देशमुख (वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक, यवत पुलिस स्टेशन), पुलिस हवलदार वीटी ढोपरे, जी पीएसआई कसपटे, एएसआई कवडे, और जिला कोर्ट पैरवी अधिकारी पीआई संतोष घोलवे (टीएमसी, पुणे ग्रामीण) का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
--आईएएनएस
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