महाराष्ट्र में स्कूलों के मिड-डे मील पर एफडीए की सख्ती, नए नियम लागू; 50 मीटर के दायरे में जंक फूड की बिक्री पर रोक
मुंबई, 29 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में स्कूली बच्चों को सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने बड़े फैसले लिए हैं। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंडे ने कहा कि राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में मिड-डे मील और कैंटीन संचालन से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
तुकाराम मुंडे ने बताया कि महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर एफडीए लगातार कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि 18 प्रकार की फूड कैटेगरी के आधार पर निरीक्षण और कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि 27 जुलाई 2026 को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। राज्य में करीब 1.08 लाख स्कूल हैं और इन स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन के लिए वर्ष 2020 में नियम बनाए गए थे, लेकिन कई संस्थानों को इन नियमों की जानकारी नहीं है। इसलिए अब इन्हें सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया गया है ताकि बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुसार पौष्टिक भोजन मिल सके।
एफडीए के नए आदेश के तहत महाराष्ट्र के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। आदेश के अनुसार, स्कूल कैंटीन और मिड-डे मील संचालकों के लिए एफएसएसएआई का लाइसेंस या पंजीकरण अनिवार्य होगा।
इसके अलावा, स्कूल परिसर के बाहर 50 मीटर के दायरे में हाई फैट, हाई शुगर और हाई सॉल्ट वाले खाद्य एवं पेय पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा। इसमें आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक, अत्यधिक मीठे उत्पाद और अन्य प्रोसेस्ड या पैकेज्ड जंक फूड शामिल हैं। हर स्कूल में फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड लगाने और फूड सेफ्टी सुपरवाइजर नियुक्त करने की व्यवस्था भी अनिवार्य होगी।
एफडीए समय-समय पर स्कूलों में परोसे जाने वाले भोजन की जांच करेगा और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, स्कूल शिक्षा विभाग, स्थानीय निकायों और अभिभावकों की भी जिम्मेदारी तय की गई है कि बच्चों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए। खाद्य सुरक्षा और पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने के लिए शिक्षकों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंडे ने हाल ही में राज्य के पांच बड़े क्लबों पर की गई कार्रवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान इन क्लबों में कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं।
मुंडे के अनुसार, कई जगहों पर कॉकरोच पाए गए, साफ-सफाई की स्थिति खराब थी और शाकाहारी तथा मांसाहारी भोजन तैयार करने के लिए अलग-अलग सेक्शन नहीं थे। इसके अलावा भी खाद्य सुरक्षा मानकों से जुड़ी कई कमियां सामने आईं, जिसके आधार पर संबंधित क्लबों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
उन्होंने कहा कि एफडीए का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों सहित सभी उपभोक्ताओं को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध हो।
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