महाराष्ट्र में मतदाता सूची सत्यापन के लिए अतिरिक्त अवसर, सुधार के लिए 13 नवंबर तक करें आवेदन : सीएम देवेंद्र फडणवीस
मुंबई, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के नागरिकों से अपील की है कि वे मतदाता सूची में अपना नाम और विवरण अवश्य जांच लें। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 13 नवंबर 2026 कर दी है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा समयसीमा बढ़ाए जाने से पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, त्रुटियों को ठीक कराने या आवश्यक आपत्तियां दर्ज कराने का अतिरिक्त अवसर मिला है।
उन्होंने बताया कि संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 31 अगस्त से 13 नवंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। इनके निस्तारण की प्रक्रिया 25 नवंबर तक पूरी की जाएगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 30 नवंबर 2026 को होगा।
फडणवीस ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे प्रारूप मतदाता सूची में अपना नाम और अन्य विवरण सावधानीपूर्वक जांचें। यदि किसी नए पंजीकरण, नाम में सुधार या किसी आपत्ति की आवश्यकता है तो उसका आवेदन 13 नवंबर तक अवश्य जमा करें।
उन्होंने कहा कि यह विस्तारित अवसर हर पात्र नागरिक को अपने मतदान के अधिकार को सुरक्षित करने का मौका देता है। साथ ही इससे यह सुनिश्चित होगा कि मतदाता सूची सटीक, पूर्ण और अद्यतन बनी रहे। एक सटीक मतदाता सूची मजबूत लोकतंत्र की नींव होती है और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता को और मजबूत बनाती है।
इस बीच, निर्वाचन आयोग ने नगालैंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कार्यक्रम में संशोधन किया है। आयोग ने मतदाताओं और राजनीतिक दलों को प्रक्रिया में भागीदारी के लिए अधिक समय देने के उद्देश्य से दावे और आपत्तियों की अवधि बढ़ाई है।
महाराष्ट्र के लिए दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की समयसीमा 13 नवंबर तक बढ़ाई गई है। इसके बाद 25 नवंबर तक दावों और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा तथा 30 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
निर्वाचन आयोग ने संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को संशोधित कार्यक्रम की व्यापक जानकारी सभी माध्यमों से जनता तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राजनीतिक दलों को भी लिखित रूप से नई समयसीमा की सूचना देने को कहा गया है।
आयोग का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूचियों को अधिक सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि सभी पात्र नागरिकों को मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया जा सके।
--आईएएनएस
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