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महाराष्ट्र में बदलेगा मौसम का मिजाज: 20 से 22 अप्रैल के बीच आंधी-तूफान और बारिश की संभावना

मुंबई, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। राज्य सरकार की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 20 से 22 अप्रैल के बीच राज्य के कई हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान गरज-चमक, तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है।
महाराष्ट्र में बदलेगा मौसम का मिजाज: 20 से 22 अप्रैल के बीच आंधी-तूफान और बारिश की संभावना

मुंबई, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। राज्य सरकार की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 20 से 22 अप्रैल के बीच राज्य के कई हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान गरज-चमक, तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों, खानदेश, मराठवाड़ा और विदर्भ के कुछ हिस्सों में दोपहर के बाद आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ तेज हवाओं और बिजली कड़कने के साथ बारिश होने के आसार हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव अचानक मौसम प्रणाली के सक्रिय होने के कारण देखने को मिलेगा। पूर्वानुमान के मुताबिक, 19 अप्रैल को ही मौसम में बदलाव के संकेत मिलेंगे। इस दिन पश्चिम महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों के साथ-साथ उत्तर खानदेश और दक्षिण मराठवाड़ा के कुछ इलाकों में दोपहर बाद आंधी-तूफान के साथ बारिश हो सकती है। इसके बाद 20 और 21 अप्रैल को बारिश का दायरा बढ़ने की संभावना है।

इन दो दिनों के दौरान पश्चिम महाराष्ट्र के पुणे विभाग, मराठवाड़ा के दक्षिणी हिस्सों और छत्रपति संभाजीनगर क्षेत्र के साथ-साथ विदर्भ के अमरावती विभाग में भी कई स्थानों पर बारिश दर्ज की जा सकती है। हालांकि 22 अप्रैल तक पहुंचते-पहुंचते आंधी-तूफान की तीव्रता और प्रभावित क्षेत्रों में कमी आने के संकेत हैं।

संभावित मौसम परिवर्तन को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। विभाग ने कहा है कि किसान अपने कृषि कार्यों की योजना मौसम के अनुसार बनाएं और फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम तुरंत उठाएं। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि कटाई की गई फसलों को खुले में न छोड़ें, बल्कि उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखें या तिरपाल अथवा कवर से ढककर सुरक्षित करें। साथ ही आंधी, बारिश और संभावित ओलावृष्टि से फसलों को होने वाले नुकसान से बचाव के लिए उचित प्रबंध करने को कहा गया है।

इसके अलावा कृषि उपज, सब्जियां और अन्य कटे हुए उत्पादों को भी खुले में न रखने की हिदायत दी गई है, ताकि अचानक मौसम खराब होने की स्थिति में नुकसान से बचा जा सके।

मौसम विभाग और कृषि विशेषज्ञों ने लोगों से भी अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचें।

--आईएएनएस

पीएसके

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