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महाराष्ट्र: खुले में खाद्य तेल बेचने पर पाबंदी, नियमों का उल्लंघन करने पर 10 लाख का जुर्माना और उम्रकैद

महाराष्ट्र: खुले में खाद्य तेल बेचने पर पाबंदी, नियमों का उल्लंघन करने पर 10 लाख का जुर्माना और उम्रकैद
महाराष्ट्र: खुले में खाद्य तेल बेचने पर पाबंदी, नियमों का उल्लंघन करने पर 10 लाख का जुर्माना और उम्रकैद

मुंबई, 20 अगस्त (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में अब खुले में तेल बेचने पर पाबंदी लगा दी गई है। अब बंद पैकेट में तेल बेचना होगा, जिसमें उसके बारे में पूरी जानकारी दर्ज होगी, ताकि ग्राहकों को उसके बारे में पूरी जानकारी मिल सके।

इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के भी प्रावधान किए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों को 10 लाख का जुर्माना देना होगा और उम्रकैद की भी सजा हो सकती है। महाराष्ट्र के खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंढे ने प्रेस वार्ता कर इसकी जानकारी दी।

खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 को तुकाराम मुंढे ने खाने के तेल और वसा (फैट) क्षेत्र के लिए पूरे राज्य में पालन और लागू करने का एक व्यापक आदेश जारी किया है।

14 बिंदुओं वाला यह आदेश तुरंत लागू हो गया है और यह सिर्फ रिटेलर्स तक सीमित नहीं है, बल्कि तेल निकालने वाली इकाइयों से लेकर ऑनलाइन विक्रेताओं तक पूरी सप्लाई चेन पर लागू होता है।

दरअसल, खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा की गई जांच में खाने के तेल की सप्लाई चेन में नियमों के पालन में बड़े पैमाने पर और लगातार कमियां पाई गईं। जैसे, वैध लाइसेंस के बिना या गलत 'बिजनेस के प्रकार' कैटेगरी के तहत काम करना, तेल में मिलावट, एसिड वैल्यू और इंडस्ट्रियल ट्रांस-फैट की सीमा से ज्यादा खराब क्वालिटी वाले तेल की बिक्री, सरसों के तेल की अनधिकृत ब्लेंडिंग (मिलावट), तेल के असली स्रोत और तारीख को छिपाने के लिए री-लेबलिंग (लेबल बदलना), एक्सपायरी के करीब वाले तेल की री-पैकेजिंग और नॉन-फूड-ग्रेड पैकेजिंग का इस्तेमाल शामिल हैं।

इन्हीं सब शिकायतों को देखते हुए, पूरे राज्य में नियमों के पालन का एक समान और स्पष्ट ढांचा बनाने के लिए यह आदेश जारी किया गया है। यह आदेश मुख्य रूप से तेल निकालने वाली इकाइयां, सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन इकाइयां और तेल रिफाइनरों पर लागू होता है।

वहीं, तुकाराम मुंढे ने प्रेस वार्ता कर कहा कि पिछले साल हमने खाने वाले तेल के लगभग 1247 सैंपल लिए थे, जिनमें से 1142 स्टैंडर्ड के थे, 77 सब-स्टैंडर्ड, 13 असुरक्षित और 15 मिसब्रांडेड थे। कुल स्टॉक 3,20,781 किलोग्राम था और इसकी कीमत 5,31,00,000 रुपए थी तो ये पिछले साल के नतीजे हैं।

उन्होंने कहा कि यह पिछले साल का डेटा है। हमने उसी हिसाब से कार्रवाई बढ़ाई है और यह कंप्लायंस ऑर्डर इस दिशा में अगला और मजबूत कदम है, ताकि लोगों को सुरक्षित खाने वाला तेल मिल सके—न तो मिसब्रांडेड, न असुरक्षित और न ही सब-स्टैंडर्ड। इसे लागू करना जरूरी है।

वहीं, तुकाराम ने बताया कि अगर कोई इन नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के भी प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को 10 लाख रुपए तक का जुर्माना और उम्रकैद तक की सजा का भी प्रावधान है।

--आईएएनएस

एसएचके/डीकेपी

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