महाराष्ट्र की पहली डीजीपी रश्मि शुक्ला हुईं सेवानिवृत्त, पुलिस ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर
मुंबई, 3 जनवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र पुलिस की पहली महिला डीजीपी रश्मि शुक्ला शनिवार को सेवानिवृत्त हुईं। अपने विदाई अवसर पर उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि यह पल उनके लिए अतीत की यादों में खोया हुआ है। महाराष्ट्र पुलिस ने उन्हें जीवन में बहुत कुछ दिया और सिखाया।
सेवानिवृत्ति के मौके पर रश्मि शुक्ला ने कहा, "मैं भारतीय पुलिस सेवा से रिटायर हो रही हूं और यह मेरे लिए बहुत भावुक क्षण है। महाराष्ट्र पुलिस ने मुझे बहुत कुछ दिया है और मैंने यहां बहुत कुछ सीखा है। एक टीम के रूप में हमने महाराष्ट्र पुलिस को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। मुझे गहरा संतोष है और मैं महाराष्ट्र पुलिस के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अच्छे स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देती हूं।"
रश्मि शुक्ला को उनके सम्मान में दादर स्थित नायगांव पुलिस ग्राउंड में आयोजित विदाई समारोह के दौरान गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। यह समारोह उनके लंबे और उल्लेखनीय सेवा काल को समर्पित रहा।
1988 बैच की आईपीएस अधिकारी रश्मि शुक्ला ने महाराष्ट्र पुलिस की कमान संभालकर इतिहास रचा था। वह राज्य की पुलिस प्रमुख बनने वाली पहली महिला अधिकारी थीं। उनके कार्यकाल को कई अहम फैसलों और उपलब्धियों के लिए याद किया जाएगा, हालांकि यह दौर कुछ विवादों से भी जुड़ा रहा।
महा विकास आघाड़ी सरकार के कार्यकाल के दौरान रश्मि शुक्ला के खिलाफ कथित फोन टैपिंग मामले को लेकर केस दर्ज किए गए थे। इन मामलों ने काफी राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल मचाई थी। बाद में ये सभी मामले वापस ले लिए गए।
इसके अलावा, विधानसभा चुनावों के दौरान विपक्षी दलों ने उन पर पक्षपात के आरोप लगाए थे। इसके चलते चुनाव आयोग ने उनका तबादला करने का आदेश दिया था। हालांकि रश्मि शुक्ला को दोबारा उनके पद पर बहाल कर दिया गया।
सेवा के अंतिम दिन मिले सम्मान और विदाई संदेश के साथ रश्मि शुक्ला ने महाराष्ट्र पुलिस के प्रति अपना आभार जताया। उनका कहना था कि उन्होंने हमेशा पूरी निष्ठा और टीम भावना के साथ काम किया। महाराष्ट्र पुलिस में उनका योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा।
--आईएएनएस
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