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महाराष्ट्र: कांग्रेस के निलंबित 12 पार्षद भाजपा में हुए शामिल, प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र ने दिलाई सदस्यता

मुंबई, 8 जनवरी (आईएएनएस)। अंबरनाथ नगर पालिका की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहां कांग्रेस को करारा झटका लगा। उनके 12 नगरसेवकों ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है।
महाराष्ट्र: कांग्रेस के निलंबित 12 पार्षद भाजपा में हुए शामिल, प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र ने दिलाई सदस्यता

मुंबई, 8 जनवरी (आईएएनएस)। अंबरनाथ नगर पालिका की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहां कांग्रेस को करारा झटका लगा। उनके 12 नगरसेवकों ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है।

यह सामूहिक पार्टी प्रवेश कार्यक्रम नवी मुंबई में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण की मौजूदगी में संपन्न हुआ। इस घटनाक्रम को अंबरनाथ की स्थानीय राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जिससे भाजपा की स्थिति काफी मजबूत हुई है।

भाजपा में शामिल होने वाले कांग्रेस नगरसेवकों में प्रदीप नाना पाटिल, दर्शना उमेश पाटिल, अर्चना चरण पाटिल, हर्षदा पंकज पाटिल, तेजस्विनी मिलिंद पाटिल, विपुल प्रदीप पाटिल, मनीष म्हात्रे, धनलक्ष्मी जयशंकर, संजवणी राहुल देवडे, दिनेश गायकवाड, किरण बद्रीनाथ राठोड और कबीर नरेश गायकवाड शामिल हैं। इन सभी ने कांग्रेस को अलविदा कहकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने का निर्णय लिया है।

इससे पहले बुधवार देर रात भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने इन पार्षदों के पार्टी में शामिल होने की औपचारिक घोषणा की थी। इस असामान्य राजनीतिक घटनाक्रम से नाराज कांग्रेस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 12 नवनिर्वाचित पार्षदों और ब्लॉक अध्यक्ष को निलंबित कर दिया था। कांग्रेस की इस कार्रवाई के बाद इन नेताओं का भाजपा में प्रवेश करना राजनीतिक हलकों में कई संकेत दे रहा है।

भाजपा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), और शिवसेना वर्तमान में राज्य में सत्तारूढ़ महायुति के सहयोगी दल हैं। इस मौके पर रविंद्र चव्हाण ने कहा कि कांग्रेस से आए पार्षदों का शामिल होना भाजपा नीत सरकार और उसके नेतृत्व में लोगों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस घटनाक्रम के बाद अंबरनाथ नगर पालिका में सत्ता संतुलन बदल सकता है और आगामी स्थानीय निर्णयों पर भाजपा का प्रभाव और अधिक बढ़ेगा।

वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने कहा था कि इन पार्षदों ने जनता से विकास का वादा किया था और मौजूदा सरकार की गतिशील कार्यशैली को देखते हुए उन्होंने भाजपा के साथ आने का फैसला किया है। कांग्रेस से अलग होकर इन पार्षदों के भाजपा में शामिल होने से स्थानीय स्तर पर पार्टी का आधार काफी मजबूत हुआ है।

--आईएएनएस

एसएके/डीकेपी

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