महाराष्ट्र: अवैध शराब कारोबार पर सख्ती की मांग, आनंद दुबे ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
मुंबई, 31 मई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के पुणे में पिंपरी-चिंचवड इलाके में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने इस मामले को लेकर सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है और अवैध शराब कारोबार पर पूरी तरह से रोक लगाने की बात कही है।
आनंद दुबे ने शनिवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं बेहद गंभीर हैं और कानून-व्यवस्था को मजबूत करना अब बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं, कुछ लोग 15 मौतें बता रहे हैं तो कुछ 18 या 20, लेकिन यह साफ है कि कई लोगों की जान गई है और कई लोग अभी भी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस पूरी घटना की वजह अवैध और जहरीली शराब का खुलेआम बिकना है। उनके अनुसार, अगर 20-20 रुपए में मिलने वाले पाउच वाली अवैध शराब पर रोक नहीं लगेगी तो इस तरह की घटनाएं रुकना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि अपराधियों में कानून का डर होना जरूरी है, तभी ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाई जा सकती है।
आनंद दुबे ने यह भी कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधी बेखौफ होकर ऐसे धंधे चला रहे हैं और प्रशासन को इस दिशा में और सख्ती दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में अपराधियों पर सख्त कार्रवाई देखने को मिलती है और महाराष्ट्र में भी उसी तरह की कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने इस घटना को केवल कुछ मौतों तक सीमित नहीं बताया, बल्कि कहा कि इससे प्रभावित परिवारों का जीवन भी पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। उनके अनुसार, ऐसे मामलों में सिर्फ कार्रवाई नहीं, बल्कि एक व्यापक अभियान की जरूरत है, ताकि अवैध शराब के कारोबार को जड़ से खत्म किया जा सके।
इस बीच शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई है, उनके परिवारों के प्रति सरकार और पार्टी दोनों संवेदनशील हैं।
राजू वाघमारे ने कहा कि सरकार ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई की है और कई कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि कुछ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है और इस मामले में शामिल कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। उनके अनुसार, अब तक 15 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और आगे भी जांच जारी है।
उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाया जाएगा, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं छिपाकर की जाती हैं और पुलिस की निगरानी के बावजूद कभी-कभी ऐसे अपराध सामने आ जाते हैं, लेकिन सरकार की कोशिश है कि जिम्मेदार लोगों को किसी भी हालत में बख्शा न जाए।
--आईएएनएस
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