महाराजा ट्रॉफी केएससीए टी20: राहुल द्रविड़ ने 'सीजन 5' की ट्रॉफी का अनावरण किया
बेंगलुरु, 11 जून (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज और कर्नाटक के आइकन राहुल द्रविड़ ने गुरुवार को बेंगलुरु में इस साल की महाराजा ट्रॉफी केएससीए टी20 की ट्रॉफी का अनावरण किया। यह कर्नाटक के प्रमुख फ्रेंचाइजी-आधारित टी20 टूर्नामेंट का पांचवां संस्करण होगा।
ट्रॉफी अनावरण समारोह में केएससीए के अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद, केएससीए के मानद सचिव संतोष मेनन, महाराजा ट्रॉफी केएससीए टी20 गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन एमएस केशव, केएससीए के आधिकारिक प्रवक्ता विनय मृत्युंजय, फ्रेंचाइजी मालिक, पदाधिकारी और केएससीए के अन्य प्रतिष्ठित मेहमान शामिल हुए।
इस मौके पर राहुल द्रविड़ ने उभरते हुए क्रिकेटर्स के लिए अवसर पैदा करने में महाराजा ट्रॉफी केएससीए टी20 की भूमिका पर प्रकाश डाला और राज्य में क्रिकेट के रास्ते को मजबूत करने के लिए केएससीए के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, "महाराजा ट्रॉफी एक बहुत ही महत्वपूर्ण टूर्नामेंट है। कई वर्षों तक इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) से जुड़े रहने के कारण, मैं अच्छी तरह जानता हूं कि यह एक ऐसा टूर्नामेंट है जिस पर कई आईपीएल टीमें नजर रखती हैं। स्काउट्स मैच देखने के लिए आएंगे, लेकिन उनमें से कई इसे टेलीविजन पर भी देखेंगे। इन मुकाबलों के स्कोर, आंकड़े और डेटा पर बहुत बारीकी से नजर रखी जाती है, जिससे कई खिलाड़ियों को आईपीएल में जगह बनाने में बहुत मदद मिलती है।"
केएससीए के अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद ने टूर्नामेंट के महत्व और कर्नाटक क्रिकेट में इसके लगातार योगदान पर बात करते हुए कहा, "महाराजा ट्रॉफी केएससीए टी20 युवा खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने, बहुमूल्य अनुभव हासिल करने और अपने क्रिकेट करियर में आगे बढ़ने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती रहती है। हमें एक ऐसा रास्ता प्रदान करने पर गर्व है जो चैंपियंस की अगली पीढ़ी को प्रेरित करता है और पूरे कर्नाटक में क्रिकेट के निरंतर विकास में योगदान देता है।"
केएससीए के मानद सचिव संतोष मेनन ने महाराजा ट्रॉफी केएससीए टी20 के 2026 संस्करण के लिए खेलने की शर्तों में तीन प्रमुख बदलावों का भी जिक्र किया। टूर्नामेंट में 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम बना रहेगा, और ऑल-राउंडर्स की भूमिका पर जोर देने के लिए टीमों को टॉस से पहले अपनी प्लेइंग प्लेइंग की जानकारी देनी होगी। इस टूर्नामेंट में एक नया नियम भी लागू होगा, जिसके तहत अगर कोई बल्लेबाज 'फ्री-हिट' गेंद पर आउट होता है, तो उसे कोई रन नहीं मिलेगा।
इसके अलावा, अगर मैदान पर दिए गए आउट के फैसले को बाद में बदल दिया जाता है और बल्लेबाज को 'नॉट आउट' पाया जाता है, तो खेल के दौरान बनाए गए रन बल्लेबाज और बैटिंग करने वाली टीम, दोनों के खाते में वापस जोड़ दिए जाएंगे।
इस सीजन छह फ्रेंचाइजी (बेंगलुरु ब्लास्टर्स, मैसूर वॉरियर्स, हुबली टाइगर्स, गुलबर्गा मिस्टिक्स, शिवमोग्गा योद्धास और कोस्टल किंग्स मंगलुरु) खिताब के लिए भिड़ती नजर आएंगी। यह टूर्नामेंट 20 जून से 12 जुलाई तक मैसूर, हुबली और बेंगलुरु में खेला जाएगा। मैसूर में 20 से 25 जून तक 12 मैच खेले जाएंगे, जिसके बाद 27 जून से 3 जुलाई तक हुबली में अगले 12 मैच आयोजित होंगे। इसके बाद बेंगलुरु में 5 से 12 जुलाई तक 10 मैच खेले जाएंगे, जिनमें क्वालीफायर 1, एलिमिनेटर, क्वालीफायर 2 और फाइनल शामिल हैं।
--आईएएनएस
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