महाबोधि महाविहार को बौद्धों को सौंपने की मांग, रामदास आठवले ने केंद्रीय गृह मंत्री से की मुलाकात
नई दिल्ली, 12 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री तथा रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर बोधगया स्थित महाबोधि महाविहार को बौद्ध समुदाय के प्रबंधन में सौंपने की मांग उठाई।
रामदास आठवले के नेतृत्व में बौद्ध भिक्षुओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर उनसे मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में भदंत करुणानंद महाथेरो, भदंत डॉ. राहुल बोधि महाथेरो, भदंत ज्योति थेरो और भदंत आनंद सहित कई बौद्ध धर्मगुरु शामिल थे।
आठवले ने कहा कि बोधगया का महाबोधि महाविहार वह पवित्र स्थल है, जहां भगवान गौतम बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। यह दुनियाभर के बौद्धों का सर्वोच्च आस्था केंद्र है। इसलिए महाबोधि महाविहार का प्रबंधन और इसके ट्रस्ट का संचालन पूरी तरह बौद्ध समुदाय के हाथों में होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देशभर के बौद्धों की मांग है कि महाबोधि महाविहार के चेयरमैन और सभी ट्रस्टी बौद्ध धर्म के अनुयायी हों। यह मांग किसी अन्य धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि बौद्ध धर्म के सबसे पवित्र स्थल के प्रबंधन को बौद्ध समुदाय को सौंपने से जुड़ी है।
प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृह मंत्री से कहा कि इसके लिए बिहार विधानसभा द्वारा पारित महाबोधि विहार मंदिर अधिनियम, 1949 में आवश्यक संशोधन किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि देशभर में बौद्ध समाज लंबे समय से महाबोधि महाविहार की "मुक्ति" और उसके प्रबंधन को बौद्धों को सौंपने की मांग करता रहा है।
रामदास आठवले ने केंद्रीय गृह मंत्री से कहा कि यदि केंद्र सरकार इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेकर महाबोधि महाविहार का प्रबंधन बौद्ध समुदाय को सौंपती है, तो इससे देशभर के बौद्धों के बीच अच्छा संदेश जाएगा और वे इस फैसले का स्वागत करेंगे।
बैठक के दौरान महाबोधि महाविहार के इतिहास, वर्तमान प्रबंधन व्यवस्था और बौद्ध समाज की मांगों पर विस्तृत चर्चा हुई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि इस मुद्दे से जुड़े सभी ऐतिहासिक और कानूनी पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा तथा पूरी जानकारी प्राप्त करने के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा।
बताया गया कि रामदास आठवले इससे पहले भी इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात का अनुरोध किया था। इसके बाद प्रधानमंत्री की सलाह पर बौद्ध प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर इस विषय पर चर्चा की।
आठवले ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार बौद्ध समाज की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे के समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल करेगी।
--आईएएनएस
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