मध्य पूर्व मामलों पर चीन सरकार के विशेष दूत ने मध्य पूर्व की स्थिति पर चीन का रुख स्पष्ट किया
बीजिंग, 24 मार्च (आईएएनएस)। चीन सार्वजनिक कूटनीति संघ ने 23 मार्च की दोपहर पेइचिंग में एक विशेष सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें मध्य पूर्व मामलों पर चीन सरकार के विशेष दूत जाई च्युन को मध्य पूर्व की स्थिति पर चीनी और विदेशी मीडिया को जानकारी देने के लिए आमंत्रित किया गया था।
जाई च्युन ने कहा कि मध्य पूर्व में वर्तमान स्थिति बेहद तनावपूर्ण है, और बढ़ता संघर्ष आसपास के क्षेत्रों में भी फैल रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी ध्यान आकर्षित हो रहा है। वर्तमान स्थिति पर चीन का रुख बिल्कुल स्पष्ट है, जिसका केंद्र युद्धविराम और संवाद एवं बातचीत शुरू करने का आह्वान करना है।
जाई च्युन ने कहा कि मध्य पूर्व की इस यात्रा के दौरान, उन्होंने क्षेत्र के देशों के समक्ष चीन का रुख और स्पष्ट किया।
सबसे पहले, यह एक ऐसा युद्ध है जो कभी नहीं होना चाहिए था। मध्य पूर्व के लोगों में शांति और स्थिरता की व्यापक उम्मीद और ईरान तथा अमेरिका के बीच चल रही वार्ताओं के नए दौर के बीच, अमेरिका और इजरायल ने अचानक युद्ध को भड़का दिया, जिससे राजनयिक प्रयास विफल हुए।
दूसरा, इस संकट के सही और गलत पहलू स्पष्ट हैं। अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अनुमति के बिना ईरान पर हमला किया, जो संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के उद्देश्यों और सिद्धांतों का घोर उल्लंघन है। चीन इसका कड़ा विरोध और निंदा करता है।
तीसरा, संघर्ष के प्रसार और बढ़ने को दृढ़तापूर्वक रोकना होगा। वर्तमान संघर्ष मध्य पूर्व की सुरक्षा और स्थिरता को गंभीर रूप से खतरे में डालता है, वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा और समुद्री मार्गों को प्रभावित करता है, और सभी देशों के कल्याण के लिए खतरा है।
चौथा, युद्धविराम अत्यंत महत्वपूर्ण है और पांचवां, संवाद और बातचीत ही मूल समाधान हैं।
जाई च्युन ने कहा कि जिन देशों का दौरा किया गया, उन्होंने वर्तमान क्षेत्रीय स्थिति पर चीन के निष्पक्ष रुख और संघर्ष शुरू होने के बाद से उसके निरंतर राजनयिक मध्यस्थता प्रयासों की बहुत सराहना की और तनाव कम करने में चीन की बड़ी भूमिका की उम्मीद जताई।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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