मध्य प्रदेश सरकार का प्राकृतिक खेती पर जोर, बड़वानी के 25 किसान बनेंगे मास्टर ट्रेनर: मोहन यादव
बड़वानी 2 मार्च (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है और इसी सिलसिले में बड़वानी के नागलवाड़ी में मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में कृषि कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें फैसला लिया गया है कि बड़वानी के 25 किसानों को प्राकृतिक खेती का मास्टर ट्रेनर बनाने प्रदेश से बाहर प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।
कृषि कैबिनेट की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया है कि मध्य प्रदेश देश का एक ऐसा राज्य है जो प्राकृतिक खेती के लिए पूरे देश में जाना जाता है। बड़वानी जिले के 25 किसानों को प्राकृतिक खेती का मास्टर ट्रेनर बनाया जा रहा है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिले, इसके लिए 25 किसानों को मास्टर ट्रेनर बनाने के लिए प्रदेश के बाहर प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि राज्य में कुल योग 27 हजार 746 करोड़ की राशि किसान कल्याण के लिए हम खर्च करने वाले हैं। कृषि कैबिनेट में नर्मदा घाटी विभाग के अंतर्गत बरला उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना स्वीकृत की गई, जिसमें इस तहसील के 33 गांवों की 15500 हेक्टेयर में सिंचाई होगी, जिसकी लागत लगभग 861 करोड़ रुपए के आसपास है।
राज्य में अलग-अलग विभागों द्वारा किसकी कल्याण के लिए राशि खर्च की जाएगी? कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में 3,502.48 करोड़ की राशि खर्च होगी। उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण की तीन योजनाएं हैं, जिनमें 4,263.94 करोड़ रुपए की राशि खर्च होगी। पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग की 4 योजनाओं में 9,508 करोड़ खर्च होंगे। मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विभाग की 2 योजनाओं में 218.50 करोड़ की राशि खर्च होगी। सहकारिता विभाग की 4 योजनाओं में 8,186 करोड़ की राशि का व्यय हमारे वित्त विभाग पर आएगा। इसी तरह नर्मदा घाटी विकास विभाग के माध्यम से 2067.97 करोड़ की राशि खर्च होगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सरकार द्वारा किसानों के लिए किए जा रहे कामों का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है। हम अपने किसानों को समृद्ध बनाकर राज्य को प्रगति के पथ पर ले जाएंगे। वही बड़वानी को पर्यटन का केंद्र बनाने वाले हैं। भविष्य में ऐसे और कई अन्य कामों की भी मंजूरी दी जाएगी।
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