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मध्य प्रदेश में स्ट्रीट वेंडर के आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ते कदम : मोहन यादव

भोपाल, 23 अप्रैल (आईएएनएस) मध्य प्रदेश में पथ-विक्रेता स्ट्रीट वेण्डर के जीवन में बदलाव आ रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि स्ट्रीट वेंडर को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना ने आत्मनिर्भरता की तरफ कदम बढ़ाने का मौका दिया है।
मध्य प्रदेश में स्ट्रीट वेंडर के आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ते कदम : मोहन यादव

भोपाल, 23 अप्रैल (आईएएनएस) मध्य प्रदेश में पथ-विक्रेता स्ट्रीट वेण्डर के जीवन में बदलाव आ रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि स्ट्रीट वेंडर को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना ने आत्मनिर्भरता की तरफ कदम बढ़ाने का मौका दिया है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के सफल क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश ने देशभर में अग्रणी रहते हुए एक अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो अंत्योदय और समावेशी विकास के प्रति हमारी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का परिचायक है।

मुख्यमंत्री यादव ने नगरीय निकायों द्वारा राष्ट्रीय रैंकिंग में अर्जित किए गए उत्कृष्ट स्थान की सराहना करते हुए बताया कि इंदौर नगर निगम ने नवीन पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत 33,332 ऋण प्रकरणों के वितरण के साथ देश के समस्त नगरीय निकायों में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेश को गौरवान्वित किया है।

देश में 10 लाख से 40 लाख की जनसंख्या वाली श्रेणी में भोपाल ने देशभर में द्वितीय और जबलपुर ने तृतीय स्थान प्राप्त कर विकास के मानकों में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। यादव ने कहा कि यह उपलब्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी वाले भाई-बहनों के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन का प्रतिबिंब है। योजना के विस्तार पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश में अब तक 9.92 लाख से अधिक पथ-विक्रेताओं को इस योजना का लाभ प्राप्त हुआ है।

15.69 लाख ऋण प्रकरणों के माध्यम से 2632 करोड़ रुपये की ऋण राशि सीधे हितग्राहियों तक पहुँचाई गई है। योजना के पुनर्गठित स्वरूप में अब 15 हजार, 25 हजार और 50 हजार रुपये की क्रमिक ऋण सहायता के साथ-साथ 30,000 रुपये की सीमा वाला यूपीआई-लिंक्ड क्रेडिट कार्ड भी प्रदान किया जा रहा है, जिससे उनकी कार्यशील पूंजी की आवश्यकताएं सुगमता से पूर्ण हो रही हैं।

मुख्यमंत्री यादव ने डिजिटल साक्षरता की चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश के 7 लाख से अधिक पथ-विक्रेता डिजिटल लेन-देन अपना चुके हैं, जिन्हें 47 करोड़ रुपये से अधिक का कैशबैक प्राप्त हुआ है। एक लाख से कम आबादी वाले निकायों में सारणी नगर पालिका ने देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त कर यह सिद्ध कर दिया है कि संकल्प शक्ति हो तो छोटे निकाय भी राष्ट्रीय पटल पर अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं।

इसी श्रेणी में बालाघाट (5वें), टीकमगढ़ (7वें)और हरदा (9वें)के प्रदर्शन को भी उन्होंने अनुकरणीय बताया। मुख्यमंत्री यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि 31 मार्च, 2030 तक विस्तारित यह योजना आगामी समय में मध्यप्रदेश के नगरीय अर्थतंत्र को नई गति प्रदान करेगी और समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का सशक्त माध्यम बनेगी।

--आईएएनएस

एसएनपी/पीएम

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