मध्य प्रदेश में स्थापित होगा साइबर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर: सीएम मोहन यादव
भोपाल, 15 जून (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने साइबर चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में साइबर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर स्थापित किया जाएगा।
राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में राज्य डेटा के लिए सायबर सुरक्षा फ्रेमवर्क को सुदृढ़ बनाने' विषय पर आयोजित परामर्श कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि डिजिटल युग में डेटा केवल सूचना नहीं, बल्कि नागरिकों के विश्वास और राष्ट्र की महत्वपूर्ण परिसंपत्ति है। आज जब डीपफेक, डेटा चोरी, साइबर धोखाधड़ी और साइबर हमलों जैसी चुनौतियां तेजी से बढ़ रही हैं, तब सुरक्षित डिजिटल व्यवस्था समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश सरकार साइबर सुरक्षा को सुशासन का महत्वपूर्ण आधार मानते हुए राज्य में सुरक्षित डिजिटल इकोसिस्टम विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश बदलते दौर में हर तरह की चुनौतियों से निपटने में पूरी तरह सक्षम है। साइबर अपराधियों के विरुद्ध मध्य प्रदेश पुलिस ने अच्छा काम करके दिखाया है। ऑपरेशन सिंदूर के समय भी नए दौर में नई तकनीक की चुनौतियां हमने देखी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सबसे बड़ी विशेषता है कि वे समय रहते चुनौतियों को भांप लेते हैं और उससे निपटने के लिए शासन-प्रशासन के स्तर पर व्यवस्था तैयार कर लेते हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि साइबर क्राइम और डेटा सेफ्टी के मामले में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। राज्य का डेटा हमारी सबसे मूल्यवान संपत्ति है। डेटा ब्रीच की स्थिति में आर्थिक भरपाई की जिम्मेदारी भी सरकार की होगी। प्रदेश सरकार साइबर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने साइबर अपराध और डेटा सुरक्षा की दिशा में ठोक कदम उठाते हुए राज्य में साइबर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि महू स्थित मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग एवं शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से यह रिसर्च सेंटर स्थापित किया जाएगा। जो केंद्रीय साइबर सुरक्षा, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण आधार बनेगा।
--आईएएनएस
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