मध्य प्रदेश में महिला आरक्षित सीट से नहीं मिलेगा नेता के परिवार की महिला को टिकट
भोपाल, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की कवायद चल रही है, वहीं मध्य प्रदेश कांग्रेस ने ऐलान किया है कि आगामी चुनाव में महिला के लिए आरक्षित सीट से कांग्रेस के किसी नेता के परिवार की महिला को टिकट नहीं दिया जाएगा। पार्टी महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों से महिला कार्यकर्ता को ही उम्मीदवार बनाएगी।
राजधानी भोपाल में महिला कांग्रेस की प्रदेश इकाई के पदाधिकारियों की बैठक हुई। इस बैठक को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महासचिव हरीश चौधरी ने कहा कि महिला आरक्षण का कानून सबसे पहले कांग्रेस लेकर आई थी। उस समय पर भाजपा और दूसरे राजनीतिक दलों ने साथ नहीं दिया। कांग्रेस की सरकार के कार्यकाल में ही मध्य प्रदेश में नगर निगम और पंचायत में महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था को लागू की गई थी। इस समय भाजपा सरकार के द्वारा जो संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है, वह पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के चुनाव को प्रभावित करने के लिए बुलाया गया है।
प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि अब जो भी चुनाव होंगे, उसमें महिलाओं के लिए आरक्षित सीट पर महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं को ही टिकट दिया जाएगा। अब यदि कांग्रेस नेता के परिवार की किसी महिला को भी चुनाव लड़ना है, तो उसे महिला कांग्रेस में कार्य करना पड़ेगा। हमेशा यह आरोप लगता है कि महिलाओं के लिए आरक्षित सीट पर नेताजी की मां, पत्नी या बहन चुनाव लड़ती है। अब ऐसा नहीं होगा। इसका हम पॉलिटिकल अफेयर कमेटी की बैठक में प्रस्ताव भी मंजूर करेंगे।
इस बैठक में मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने संगठन के विस्तार और मजबूती की पूरी रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि हमें संगठन का विस्तार करना है। हर बूथ और हर गांव तक महिला कांग्रेस का आधार तैयार करना है। इसके साथ ही राजनीतिक लड़ाई में महिलाओं की सीधी भागीदारी को सुनिश्चित किया जाएगा। संघर्ष की राजनीति में भी महिलाएं अग्रिम पंक्ति में खड़ी नजर आएगी।
इस बैठक में यह फैसला लिया गया कि महिला कांग्रेस की प्रदेश इकाई के पदाधिकारी को अलग-अलग जिले का प्रभारी बनाया जाएगा। उनके लिए यह आवश्यक होगा कि वह अपने प्रभार वाले जिले में हर महीने के 30 दिन में से 10 दिन का समय बिताएं। इन प्रभारी के द्वारा जिला अध्यक्ष पद के लिए तीन-तीन नाम की पैनल बनाकर अनुशंसा की जाएगी। उसमें से जिला अध्यक्ष की नियुक्ति की जाएगी।
इसके साथ ही महिला कांग्रेस के द्वारा अब विधानसभा क्षेत्र स्तर पर महिला कांग्रेस के अध्यक्ष भी नियुक्त किए जाएंगे। इस बैठक में महिला कांग्रेस की प्रभारी ममता चंद्राकर, इंदौर संभाग की प्रभारी उषा नायडू, प्रदेश कांग्रेस के संगठन मंत्री संजय कामले, और पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे भी मौजूद थे।
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