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मध्य प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान ने लिया जन आंदोलन का रूप: सीएम मोहन यादव

भोपाल, 29 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में जल संरचनाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव का कहना है कि जल गंगा संवर्धन अभियान' जन-आंदोलन का रूप ले चुका है।
मध्य प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान ने लिया जन आंदोलन का रूप: सीएम मोहन यादव

भोपाल, 29 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में जल संरचनाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव का कहना है कि जल गंगा संवर्धन अभियान' जन-आंदोलन का रूप ले चुका है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि जल ही जीवन का मुख्य आधार है और हमारी पारंपरिक जल संरचनाओं को संरक्षित और संवर्धित करना हमारा परम सामाजिक और पर्यावरणीय कर्तव्य है। इसी पावन उद्देश्य के साथ राज्य में शुरू किया गया 'जल गंगा संवर्धन अभियान' आज केवल एक शासकीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के सहयोग से एक पवित्र जन-आंदोलन का रूप ले चुका है।

उन्‍होंने बताया कि मध्य प्रदेश में जल संरक्षण और पुनर्जीवन के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुआ है, जिसके अंतर्गत अब तक रिकॉर्ड 2 लाख से अधिक जल संरचनाओं का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। मध्य प्रदेश जल सहेजने के इस पुनीत कार्य में पूरे देश में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

जल गंगा संवर्धन अभियान-2026 के तहत राज्य में कुल 3,67,777 कार्यों का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसमें से 2,00,844 महत्वपूर्ण संरचनाओं का निर्माण और जीर्णोद्धार पूरा किया जा चुका है, जबकि 1,51,093 कार्य तीव्र गति से प्रगति पर हैं।

इस विशाल अभियान को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से क्रियान्वित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा कुल 10,644.02 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिसमें से अब तक 6,330.81 करोड़ रुपये (लगभग 59.5प्रतिशत) की राशि का उपयोग किया गया है, जो विकास की वास्तविक गति को दर्शाती है।

ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में जल आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए रिकॉर्ड 57,794 खेत तालाब और 91,838 डग वेल रिचार्ज (कुआं पुनर्भरण) संरचनाओं का निर्माण व जीर्णोद्धार किया गया है। इसके अतिरिक्त, पारंपरिक और नए जल स्रोतों को सहेजने के उद्देश्य से 29,906 जल संरक्षण एवं पुनर्भरण संरचनाओं तथा 126 भव्य 'अमृत सरोवरों' का कार्य शत-प्रतिशत पूरा किया जा चुका है।

सिंचाई के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 1,152 विशेष सिंचाई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और पुरानी जल संरचनाओं के पुनर्जीवन के लिए 2,721 मरम्मत एवं रखरखाव संबंधी कार्यों को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया है।

--आईएएनएस

एसएनपी/एएसएच

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