मध्य प्रदेश में बेरोजगारी की समस्या बरकरार, राहुल गांधी छात्रों के साथ खड़े हैं: कांग्रेस
नई दिल्ली, 4 सितंबर (आईएएनएस)। जहांगीर महल का नाम बदलने के संकेत, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का सीहोर दौरा, 'हनुमान अंश' फिल्म से जुड़े गायक से सीएम मोहन यादव की मुलाकात, उत्तर प्रदेश में संगठन सृजन अभियान और जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता कुणाल चौधरी और विधायक रफीक खान ने अलग-अलग मुद्दों पर सरकार की नीतियों और कार्रवाई पर सवाल उठाए।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट से जुड़े वायरल वीडियो और राहुल गांधी द्वारा एफआईआर दर्ज कराने के बयान पर कुणाल चौधरी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि संविधान सम्मत तरीके से अपने अधिकारों की मांग कर रहे छात्रों और आंदोलनकारियों के साथ कथित तौर पर बल प्रयोग किया गया। आंदोलनकारियों पर लाठी-डंडों और पेलेट गन के इस्तेमाल के आरोप सामने आए हैं, जबकि वायरल वीडियो में एक व्यक्ति कथित रूप से राजनीतिक संरक्षण का दावा करता दिखाई देता है।
कांग्रेस नेता ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगते हुए कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसे मामलों में कार्रवाई कब होगी। राहुल गांधी छात्रों और आम लोगों की आवाज उठाने के लिए उनके साथ खड़े हैं।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के सीहोर दौरे और रोजगार से जुड़े बयानों पर चौधरी ने कहा कि भाजपा लंबे समय से रोजगार देने के वादे करती रही है, लेकिन प्रदेश में बेरोजगारी की समस्या बनी हुई है। मध्य प्रदेश पर कर्ज का बोझ बढ़ा है और सरकार निवेश सम्मेलन आयोजित करने के बावजूद पर्याप्त रोजगार के अवसर पैदा नहीं कर पा रही है। सरकार को भाषणों के बजाय रोजगार, शिक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए।
ओरछा में जहांगीर महल का नाम बदलने के संकेत पर कुणाल चौधरी ने कहा कि केवल नाम बदलने से रोजगार, किसानों को फसल का उचित दाम या लोगों को उनके अधिकार नहीं मिलेंगे। भाजपा सरकार विकास के बजाय नाम बदलने की राजनीति कर रही है। मध्य प्रदेश में किसान, बेरोजगार और विभिन्न वर्ग अपनी समस्याओं को लेकर परेशान हैं। ऐसे में सरकार को नाम बदलने की बजाय मूल समस्याओं पर काम करना चाहिए।
'हनुमान अंश' फिल्म के गायक सुनील लोधी से मुख्यमंत्री मोहन यादव की मुलाकात पर चौधरी ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने गायक से मुलाकात की और उन्हें एक लाख रुपए की सहायता भी दी। हालांकि, उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि भगवान राम और हनुमान के संदेश को केवल प्रचार तक सीमित न रखा जाए। राम का भाव प्रेम, मर्यादा और सभी के सुख-दुख में सहभागी होने का था। भाजपा भगवान राम को मानती है, लेकिन उनके बताए मूल्यों को व्यवहार में उतारने की जरूरत है। उन्होंने शबरी और केवट के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए सामाजिक समरसता और प्रेम की भावना पर जोर दिया।
कांग्रेस विधायक रफीक खान ने उत्तर प्रदेश में संगठन सृजन अभियान को लेकर होने वाली बैठक की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बैठक शुरू होने वाली है और फिलहाल यह चुनाव से ज्यादा संगठन को मजबूत करने से जुड़ी है। संगठन सृजन अभियान केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के कई हिस्सों में चलाया गया है। इससे संगठन को मजबूती मिली है और कांग्रेस अब चुनाव लड़ने के लिए तैयार स्थिति में है। संगठन में व्यापक स्तर पर बदलाव और पुनर्गठन हुआ है।
दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर प्रदर्शनों के दौरान 2,873 लोगों की पहचान कथित आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों के तौर पर किए जाने के मुद्दे पर रफीक खान ने पुलिस के रवैये पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस छात्रों के आंदोलनों को लेकर हमेशा नकारात्मक रवैया अपनाती रही है। यदि प्रदर्शन में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग शामिल हुए हैं तो कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन इसके आधार पर पूरे छात्र आंदोलन को बदनाम नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में छात्रों और आंदोलनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार हुआ है। खान ने केंद्र सरकार से छात्रों की मांगों पर बातचीत करने और उनकी चिंताओं का समाधान करने की अपील की।
हल्द्वानी 'शुद्धिकरण' विवाद को लेकर रफीक खान ने भाजपा पर दलितों के प्रति भेदभावपूर्ण मानसिकता रखने का आरोप लगाया। उन्होंने राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली से जुड़े एक मंदिर विवाद का भी उल्लेख किया। खान ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसकी जाति या धर्म के आधार पर संवैधानिक अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाएं संविधान की भावना के विपरीत हैं और सामाजिक समानता के सिद्धांत को चुनौती देती हैं।
--आईएएनएस
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