मध्य प्रदेश में आदिवासी वर्ग को यूसीसी से अलग रखा गया : सीएम मोहन यादव
भोपाल 12 जून (आईएएनएस ) मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि राज्य में समान नागरिक संहिता के क्रियान्वयन के प्रयास जारी हैं और इससे आदिवासी समुदाय को अलग रखा गया है । मुख्यमंत्री यादव ने यूसीसी को लेकर कहा है कि समान नागरिक संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में राज्य बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा हैं। हमारा उद्देश्य स्पष्ट है सभी नागरिकों के लिए समान कानून और एक समान व्यवस्था सुनिश्चित करना, जिससे न्याय एवं समानता के संवैधानिक सिद्धांत और अधिक सशक्त हों।
यूसीसी में आदिवासी समुदाय की क्या स्थिति रहेगी इसको लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता के दायरे से आदिवासी समुदाय को अलग रखा है। यह व्यवस्था गुजरात और उत्तराखंड में लागू मॉडल के अनुरूप है, जिसमें जनजातीय परंपराओं और विशेष अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित किया गया है। आदिवासी वर्ग के लिए किए जा रहे कार्यों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के गौरवपूर्ण आयोजन से लेकर आदिवासी समाज के सम्मान और उत्थान के लिए भारतीय जनता पार्टी ने निरंतर कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि पहली बार एक आदिवासी बहन को देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन कर सम्मानित किया गया। आज हम आदिवासी समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उनके सर्वांगीण सशक्तिकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। राज्य में औद्योगिक विकास की रफ्तार तेज है और इसकी चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। धार में विकसित हो रहा पीएम मित्र पार्क इसका सशक्त उदाहरण है, जहां सभी प्लॉट आवंटित हो चुके हैं तथा औद्योगिक इकाइयों के साथ-साथ अधोसंरचना विकास के कार्य भी तीव्र गति से प्रगति पर हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य की धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंहस्थ का आयोजन किया जा रहा है इस की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा सिंहस्थ विश्व का सबसे विशाल आध्यात्मिक समागम है।स्वाभाविक रूप से यह प्रशासन के लिए भी एक बड़ी जिम्मेदारी और चुनौती है, क्योंकि 8-10 लाख की आबादी वाले शहर में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन होगा। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां और प्रबंधन व्यापक स्तर पर किए जा रहे हैं।
विश्व योग दिवस की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि वैदिक काल से ही योग का सनातन संस्कृति में विशेष महत्व रहा है। योग सिर्फ स्वास्थ्य का माध्यम नहीं बल्कि समग्र जीवन-दर्शन का आधार है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज यह विश्व को स्वस्थ, संतुलित एवं एकसूत्र में जोड़ने का सशक्त माध्यम बन गया है।
--आईएएनएस
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