मध्य प्रदेश के किसानों की समस्याएं बरकरार: उमंग सिंघार
भोपाल, 29 अप्रैल (आईएएनएस)।मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने गेहूं खरीदी की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा है कि राज्य सरकार तमाम दावे और वादे करती है मगर हकीकत कुछ और है किसान परेशान है और गेहूं की खरीदी ठीक तरह से नहीं हो पा रही है।
किसानों की समस्याओं को उठाते हुए उमंग सिंघार ने कहा कि गेहूं खरीदी को लेकर प्रदेश में सर्वर डाउन, स्लॉट गायब और अव्यवस्थाओं के कारण किसान परेशान हैं। पहले मंडियों में पर्ची कटते ही तुलाई हो जाती थी, लेकिन अब इंटरनेट व्यवस्था के कारण किसानों का हक अटक गया है।
उन्होंने कहा कि पहले ही खरीदी देर से शुरू हुई है, और अब खरीदी के दौरान लगातार बाधाएं आ रही हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि अन्नदाताओं को उनकी मेहनत का उचित मूल्य कब मिलेगा।
नेता प्रतिपक्ष ने महिला आरक्षण और समान नागरिक संहिता को लेकर कहा कि महिला आरक्षण पर एक ओर सरकार 2029 के सपने दिखा रही है, वहीं दूसरी ओर बंद कमरों में फैसले लिए जा रहे हैं। सिंघार ने यूसीसी को लेकर सवाल किया कि क्या केवल 6-7 लोगों की कमेटी मध्य प्रदेश का भविष्य तय करेगी? क्या भाजपा सरकार के लिए जनता की राय कोई मायने नहीं रखती?
उन्होंने दलित और आदिवासी समाज को लेकर भी सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अब तक यह स्पष्ट क्यों नहीं किया गया कि यूसीसी में उन्हें शामिल किया जाएगा या नहीं।
नेता प्रतिपक्ष ने ओबीसी आरक्षण वर्ग के मुद्दे पर कहा कि प्रदेश में 50 प्रतिशत से अधिक आबादी होने के बावजूद सरकार उन्हें अधिकार देने में हिचकिचा रही है। सिंघार ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ओबीसी का वोट तो चाहती है, लेकिन उन्हें उनका हक देने को तैयार नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि ओबीसी चेहरों को आगे रखकर राजनीति की जा रही है, जबकि उनके अधिकारों को अदालत के पाले में डाल दिया गया है।
--आईएएनएस
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