मध्य प्रदेश का संकल्प सभी का कल्याण और मिशन 'ज्ञानी'है : मोहन यादव
15 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 80 वे स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेशवासियों को भरोसा दिलाया है कि राज्य सरकार का संकल्प सभी का कल्याण है और मिशन 'ज्ञानी' है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण से पहले राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का गायन हुआ और ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान जन-गण-मन की धुन बजाई गई। इसके बाद मुख्यमंत्री यादव ने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। परेड में सशस्त्र दलों ने हर्ष फायर किया और पुलिस बैंड ने देश भक्ति गीतों की धुनों से वातावरण में राष्ट्र प्रेम और समर्पण के भाव का संचार किया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने 'ज्ञान' यानी गरीब, युवा, नारी और किसान का जो मंत्र दिया था, उसमें इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर को जोड़कर हमने ज्ञानी (जीवाईएएनआईआई) के रूप में उसका विस्तार कर दिया है।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि आजादी का ये महोत्सव इसलिए भी अविस्मरणीय हो गया है क्योंकि आज राष्ट्रीय पर्व पर राष्ट्रीय गीत वन्दे-मातरम् का भी गायन हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनकल्याण को केन्द्र में रखते हुए भारत को आधुनिक, विकसित, आत्मनिर्भर, सुरक्षित, समृद्ध और गौरवशाली राष्ट्र बनाने की दिशा में अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं। उनके कुशल मार्गदर्शन में आज भारत की गणना विश्व के अग्रणी राष्ट्रों में हो रही है।
उन्होंने कहा कि भारत की भूमि समानता, समरसता और समभाव की भूमि है। भगवान श्रीराम से लेकर भगवान श्री कृष्ण तक और संतों से लेकर महापुरुषों तक, सभी ने समानता का संदेश दिया है। भारतीय संविधान की इसी मूल भावना के अनुरूप ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता कानून लागू कर रहे हैं। हमने 'एक देश- एक विधान- एक प्रधान- एक निशान' के विचार को धरातल पर उतारकर, सबके लिए एक जैसा कानून लागू कर रहे हैं। समान नागरिक संहिता एक ओर भेदभावपूर्ण व्यवहार को समाप्त कर समरसता का संचार करेगी तो दूसरी ओर महिलाओं को अत्याचार और अन्याय से मुक्ति दिलाएगी। समरसता के संत गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती का उत्सव हम 18 अगस्त, 2026 से प्रदेश भर में मनाने जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लोक का तंत्र पर भरोसा ही सुशासन की पहली सीढ़ी है। जन-कल्याण यदि साध्य है तो, जन-विश्वास और जन-संवाद उसके साधन। इसी लक्ष्य के साथ सरकार ने 7 अगस्त 2026 से 'मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान' प्रारंभ किया है। जन-विश्वास अभियान का लक्ष्य स्पष्ट है 'न देरी, न दूरी'। समाधान से उत्थान के पवित्र भाव के साथ, इस अभियान का प्रथम चरण 8 जनवरी 2027 तक संचालित किया जाएगा। हमारी सरकार ने, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 4 लाख 38 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश किया, जो पिछले वित्तीय वर्ष से 10 प्रतिशत अधिक है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय में प्रचलित भावों पर, पिछले वर्ष की तुलना में 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि किसानों के खेत सरकार के लिए देवस्थल हैं और खेत से उपजा एक-एक दाना प्रसाद के समान है। 2026 को हम किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। सभी जिलों में, बलराम कृषि महोत्सव आयोजित कर, किसानों की मेहनत और समर्पण को सम्मानित किया जा रहा है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार शासकीय योजनाओं के लिए, कृषि भूमि का भू-अर्जन करने पर किसानों को चार गुना मुआवजा दिए जाने का किसान हितैषी निर्णय लागू किया है। हमारी सरकार ने किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से नई "कवच" योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से खेती में भी बेहतर अवसर होने की बात कही।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मध्यप्रदेश को देश की मिल्क-कैपिटल बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश में दुग्ध संकलन आज लगभग 12 लाख लीटर प्रतिदिन के स्तर पर पहुंच चुका है। हमारे दुग्ध उत्पादकों को आठ रुपए से अधिक, प्रति लीटर तक का मुनाफा हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के महिला सशक्तीकरण के संकल्प से प्रेरित होकर, प्रदेश में हम लखपति गौपालक दीदी योजना को प्रोत्साहित कर रहे हैं। नस्ल सुधार के साथ, बछिया पालन करके, प्रदेश की महिलाएं लखपति बनने का सपना साकार कर सकेंगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2025 को निवेश और रोजगार वर्ष के रूप में मनाया था, वर्ष 2026 किसान कल्याण वर्ष है और अब इसे आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2027 को, हमने युवा वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। युवाओं के संपूर्ण व्यक्तित्व विकास और कल्याण के लिए हमने इन्द्रधनुषी रणनीति का निर्माण किया है, जिसके 7 महत्वपूर्ण स्तंभ हैं- गुणवत्तायुक्त शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता एवं स्वरोजगार, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर, स्टार्टअप्स को सहयोग, खेल-कला-संस्कृति-शोध एवं अनुसंधान प्रोत्साहन और नेतृत्व क्षमता विकास।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि हमने 85 हजार से अधिक युवाओं की शासकीय सेवाओं में नियुक्तियां की हैं तथा आने वाले समय में प्रतिवर्ष एक लाख से अधिक युवाओं को सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएंगे। इसी प्रकार हमारी सरकार अगले 1 वर्ष में 1 लाख से अधिक युवाओं को आईटीआई में तथा प्रतिवर्ष 10 हजार युवाओं को ग्लोबल स्किल पार्क में कौशल प्रशिक्षण दिलाने का काम करेगी। हम कौशल विकास के अंतर्गत मध्य प्रदेश में एक अलग प्लेसमेंट सेल बनाएंगे, जो उद्योग और सरकार के बीच एक कड़ी का काम करेगा।
उन्होंने कहा कि उद्यम पोर्टल पर विगत ढाई वर्षों में 3 लाख 34 हजार से अधिक विनिर्माण इकाइयां पंजीकृत हुई हैं, जिनमें 33 लाख 80 हजार युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। वृहद औद्योगिक इकाइयों में भी 50 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार का विजन है कि हम प्रत्येक जिले में एक एमएसएमई पार्क की स्थापना करेंगे। इसके साथ ही प्रदेश के 10 एमएसएमई क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। भोपाल में इंजीनियरिंग सेक्टर के लिए 30 करोड़ रुपए की लागत से नए केंद्र की स्थापना की जा रही है।
--आईएएनएस
एसएनपी/ओपी

