लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद आजाद चौक पर जाम की समस्या से मुक्ति मिलने की संभावना बढ़ गई है। यातायात विशेषज्ञ और अधिकारियों का कहना है कि एक्सप्रेसवे के संचालन से भारी वाहनों और लंबी दूरी के ट्रैफिक का दबाव शहर के मुख्य चौराहों से हट जाएगा।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने इस दिशा में कई योजनाएं तैयार की हैं। अधिकारियों ने बताया कि आजाद चौक और आसपास के क्षेत्र में भारी और हल्के वाहनों के लिए अंडरपास या फ्लाईओवर बनाने पर विचार किया जा रहा है। इस कदम से शहर में यातायात की गति बढ़ेगी और दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी।
एनएचएआइ के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पूरी तरह चालू होने के बाद आजाद चौक पर आने-जाने वाले वाहनों की संख्या में कमी आएगी। इसके अलावा हम अंडरपास और फ्लाईओवर के निर्माण की योजना बना रहे हैं ताकि ट्रैफिक को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सके। इस परियोजना से न केवल वाहनों की प्रतीक्षा कम होगी बल्कि शहर के लोगों को समय की बचत भी होगी।”
विशेषज्ञों का कहना है कि लखनऊ और कानपुर के बीच बढ़ते व्यापार और आवागमन के कारण मुख्य चौराहों पर जाम और ट्रैफिक जाम आम समस्या बन गई थी। एक्सप्रेसवे के संचालन के साथ-साथ अंडरपास और फ्लाईओवर का निर्माण इसे और प्रभावी बनाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम न केवल यात्रियों के लिए राहत देगा बल्कि शहरी यातायात नियोजन और सड़क सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण होगा।
नगर निगम और पुलिस प्रशासन भी इस योजना में सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारी वाहन ट्रैफिक को एक्सप्रेसवे की ओर मोड़ना और शहर के अंदरूनी मार्गों को राहत देना प्राथमिकता है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि शहरवासियों को निर्माण कार्य के दौरान थोड़ी असुविधा हो सकती है, लेकिन इसका दीर्घकालिक लाभ काफी बड़ा होगा।
यात्री और स्थानीय लोग इस पहल को स्वागत योग्य मान रहे हैं। एक राहगीर ने कहा, “आजाद चौक पर हर समय जाम रहता था। एक्सप्रेसवे के आने के बाद और अंडरपास या फ्लाईओवर बनने के बाद यह समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। इससे दैनिक आवागमन आसान होगा।”
एनएचएआइ ने बताया कि अंडरपास और फ्लाईओवर की योजना में सभी प्रकार के वाहनों, विशेषकर भारी वाहनों और बसों को ध्यान में रखा गया है। साथ ही, सड़क पर सुरक्षा उपाय और यातायात संकेतकों की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि निर्माण के दौरान दुर्घटना या असुविधा न हो।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह परियोजना लखनऊ के यातायात नेटवर्क को आधुनिक बनाने और स्मार्ट शहर की दिशा में कदम बढ़ाने में सहायक होगी। एक्सप्रेसवे और अंडरपास/फ्लाईओवर के समन्वय से शहर के ट्रैफिक बोझ में कमी आएगी और नागरिकों का समय और ईंधन की बचत भी होगी।
इस तरह, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे और आने वाले अंडरपास/फ्लाईओवर के निर्माण से आजाद चौक पर जाम की समस्या जल्द ही इतिहास बन सकती है। प्रशासन ने जनता से सहयोग की अपील की है कि निर्माण कार्य के दौरान धैर्य रखें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।

