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लखनऊ: 'विरासत में सत्ता मिलती है, बुद्धि नहीं', अखिलेश यादव पर भड़के मंत्री ओपी राजभर

लखनऊ: 'विरासत में सत्ता मिलती है, बुद्धि नहीं', अखिलेश यादव पर भड़के मंत्री ओपी राजभर
लखनऊ: 'विरासत में सत्ता मिलती है, बुद्धि नहीं', अखिलेश यादव पर भड़के मंत्री ओपी राजभर

लखनऊ, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय में गुरुवार को आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के हालिया बयानों को लेकर यूपी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा पर तीखा हमला बोला। राजभर ने अखिलेश यादव की राजनीति, इंडिया ब्लॉक की बैठक में उनकी गैरमौजूदगी और सपा-कांग्रेस के बीच चल रही खींचतान पर टिप्पणी की।

लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह पर सवाल उठाते हुए ओपी राजभर ने कहा कि सपा केवल दिखावे के लिए ऐसे कार्यक्रम कर रही है। जनता ने अपने मुद्दों पर चर्चा के लिए सांसदों को सदन में भेजा है, लेकिन सपा के सांसद सदन के बाहर प्रदर्शन और दूसरे कार्यक्रमों में व्यस्त दिखाई देते हैं। जनता सब देख रही है और ऐसे कार्यक्रमों का असर जमीनी स्तर पर नहीं पड़ेगा।

राजभर ने आपातकाल का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आपातकाल कांग्रेस के शासन में लगाया गया था और उस दौरान उसके विरोध में आवाज उठाने वाले लोगों को जेल जाना पड़ा था। आज उन्हीं लोगों को लोकतंत्र सेनानी के रूप में सम्मानित किया जा रहा है। राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि विरासत में सत्ता मिल सकती है, लेकिन बुद्धि नहीं मिलती।

अखिलेश यादव के इस बयान पर कि आज देश और उत्तर प्रदेश 'भाजपाई आपातकाल' से गुजर रहे हैं, राजभर ने पलटवार किया। उन्होंने सपा सरकार के कार्यकाल का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि उस समय विभिन्न पिछड़े वर्गों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला। इसी वजह से सपा लंबे समय से सत्ता से बाहर है।

अखिलेश यादव के उस बयान पर भी राजभर ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें कथित तौर पर उन्हें वापस आने का इंतजार करने की बात कही गई थी। राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव ने राजनीतिक रूप से उन्हें पहले ही तलाक दे दिया है और उन्होंने उसे स्वीकार कर लिया है। ऐसे में अब वापस जाने का सवाल ही नहीं है। राजभर ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी एनडीए के साथ है और आगामी चुनाव एनडीए के साथ मिलकर लड़ेगी।

अखिलेश यादव के इंडिया ब्लॉक की बैठक में शामिल नहीं होने को लेकर भी राजभर ने टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश और राहुल गांधी दोनों अलग-अलग बातें कर रहे हैं और अखिलेश की बैठक से दूरी कांग्रेस को संदेश देने के लिए थी। सीट बंटवारे को लेकर विपक्षी दलों के बीच खींचतान चल रही है और इसी वजह से गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठ रहे हैं।

अखिलेश यादव के 'एक कचौड़ी, दो समोसा, बीजेपी पर नहीं भरोसा' वाले नारे पर ओपी राजभर ने अपने अंदाज में पलटवार किया। उन्होंने इस नारे को लेकर अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों को जनता ने सत्ता से बाहर किया है, वे अब एक-दूसरे के साथ मिलकर राजनीति कर रहे हैं। हमारी पार्टी एनडीए के साथ है और वह इसी गठबंधन के साथ आगामी चुनाव में जाएगी।

--आईएएनएस

पीएसके

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