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एलपीयू मामले पर सियासत तेज, कांग्रेस सांसद चन्नी और रंधावा ने 'आप' सरकार पर साधा निशाना

एलपीयू मामले पर सियासत तेज, कांग्रेस सांसद चन्नी और रंधावा ने 'आप' सरकार पर साधा निशाना
एलपीयू मामले पर सियासत तेज, कांग्रेस सांसद चन्नी और रंधावा ने 'आप' सरकार पर साधा निशाना

नई दिल्ली, 29 सितंबर (आईएएनएस)। पंजाब के फगवाड़ा की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में हुई घटना को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस सांसद और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने दिल्ली में प्रेस से बात करते हुए पंजाब की कानून-व्यवस्था और आम आदमी पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने एलपीयू मामले पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "वास्तविक स्थिति तो वहां जाकर ही पता चलती है। जो दुष्कर्म हुआ, उसकी रिपोर्ट भी दर्ज होनी चाहिए थी। उसके बाद बाहरी लोगों ने वहां जाकर गुंडागर्दी की। पुलिस द्वारा ही ये गुंडागर्दी प्रायोजित थी।"

चन्नी ने आरोप लगाते हुए कहा कि एलपीयू के मालिक अशोक मित्तल के भाजपा में शामिल होने के बाद आम आदमी पार्टी की सरकार ने इस यूनिवर्सिटी को बर्बाद करने का प्रयास किया है। उन्होंने सवाल उठाया, "इसका कौन जिम्मेदार है? कितनी देर तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बलात्कार की घटना के बाद एफआईआर होनी चाहिए थी लेकिन क्यों नहीं हुई? छात्रों को बुरी तरह पीटा गया, इसके लिए कौन जिम्मेदार है?"

वहीं, कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा, "एलपीयू में जो हुआ है, उसे पहले ही सरकार को नियंत्रण में लेना चाहिए था। सरकार ने बहुत बाद में सक्रियता दिखाई। इतने घंटों तक छात्र सड़कों पर रहे, धरना-प्रदर्शन करते रहे, ऐसी चीजें नहीं होनी चाहिए। ऐसी घटनाएं रुकनी चाहिए।"

रंधावा ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा, "पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति के बारे में किसे नहीं पता? क्या केंद्र सरकार को नहीं पता? हम गृह मंत्री को मिलते हैं, क्या उन्हें इस स्थिति के बारे में नहीं पता? देखिए, वहां जो कार्रवाई हुई उसमें देरी हुई और विरोध-प्रदर्शन कई दिनों तक चलता रहा और हाईवे भी जाम रहा। पुलिस को पहले ही कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्होंने ऐसा नहीं किया और यह गलत है। पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति बहुत खराब है। चाहे आप चिटकारा यूनिवर्सिटी या लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी जैसे विश्वविद्यालयों को देखें, या पंजाब के किसी भी अन्य जिले को, कुल मिलाकर स्थिति बहुत खराब है।"

रंधावा ने केंद्रीय गृह मंत्री के प्रस्तावित पंजाब दौरे को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि गृह मंत्री कल दौरा करेंगे। मैं गृह मंत्री से पूछना चाहता हूं कि वे सबसे पहले यह बताएं कि भारत सरकार जेलों से काम कर रहे गैंगस्टरों, पाकिस्तानी ड्रोन के जरिए हो रही गतिविधियों और राज्य में आ रहे ड्रग्स के बारे में क्या कदम उठा रही है। क्या एनसीबी ने जेलों में बंद गैंगस्टरों के मोबाइल फोन बंद करने के लिए कोई कार्रवाई की है? एफबीआई की रिपोर्ट के बारे में गृह मंत्री क्या कहेंगे? उन्हें पूरे पंजाब को जवाब देना होगा।"

भाजपा की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' पर तंज कसते हुए रंधावा ने कहा, "उनकी यात्रा को देखिए। उन्होंने पठानकोट से यात्रा शुरू की, जो भाजपा का गढ़ है। वहां दो विधानसभा क्षेत्र हैं: पठानकोट और सुजानपुर। वहां वे 3,000 लोग भी इकट्ठा नहीं कर पाए। पंजाब के लोगों ने भाजपा को पूरी तरह से नकार दिया है और यह यात्रा बुरी तरह विफल रही है।"

--आईएएनएस

एससीएच/पीएम

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