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कभी लॉर्ड्स के 'ऑनर्स बोर्ड' पर नाम दर्ज करवाने का देखा था ख्वाब, क्रांति ने सपने को साकार किया

कभी लॉर्ड्स के 'ऑनर्स बोर्ड' पर नाम दर्ज करवाने का देखा था ख्वाब, क्रांति ने सपने को साकार किया
कभी लॉर्ड्स के 'ऑनर्स बोर्ड' पर नाम दर्ज करवाने का देखा था ख्वाब, क्रांति ने सपने को साकार किया

लंदन, 12 जुलाई (आईएएनएस)। लॉर्ड्स में जारी महिलाओं के पहले ऐतिहासिक टेस्ट मैच में भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने इंग्लैंड की पहली टेस्ट पारी में '5 विकेट' हासिल किए। इस मुकाबले से कुछ दिन पहले, क्रांति ने उस सपने के बारे में बात की थी जो 'होम ऑफ क्रिकेट' में कदम रखने वाले हर तेज गेंदबाज का होता है। इस तेज गेंदबाज ने बताया कि कैसे वह और उनकी टीम के सभी गेंदबाज ऐतिहासिक टेस्ट 'ऑनर्स बोर्ड' पर अपना नाम लिखवाना और इतिहास रचना चाहते थे। शनिवार को टेस्ट के दूसरे दिन के खेल तक, 22 वर्षीय क्रांति ने अपनी उन बातों को सच कर दिखाया।

क्रांति गौड़ ने 17 ओवरों में 37 रन देकर 5 विकेट हासिल किए। इसी के साथ क्रांति खेल के इतिहास में लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित टेस्ट 'ऑनर्स बोर्ड' पर अपना नाम दर्ज कराने वाली पहली महिला बन गईं। उनकी धारदार गेंदबाजी के दम पर भारत ने इंग्लैंड को उसकी पहली पारी में सिर्फ 170 रन पर समेटकर 115 रन की बढ़त हासिल की।

रविवार को बीसीसीआई की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर शेयर किए गए वीडियो में क्रांति ने कहा था, "लॉर्ड्स का ऑनर्स बोर्ड बहुत मशहूर है, क्योंकि जो खिलाड़ी पांच विकेट लेता है, उसका नाम उस बोर्ड पर लिखा जाता है। हम भी पांच विकेट लेने और बोर्ड पर अपना नाम लिखवाने के लिए बहुत उत्साहित हैं।"

इस यादगार पल को बीसीसीआई ने एक वीडियो में कैद किया, जिसमें क्रांति ऑनर्स बोर्ड के पास जाती हैं और खेल के महान खिलाड़ियों के बीच अपना नाम लिखती हैं। उनके परिवार वाले वीडियो कॉल के जरिए इस पल के गवाह बने।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद, भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर भी क्रांति के परिवार को बधाई देती और युवा तेज गेंदबाज के शानदार प्रदर्शन की तारीफ करती नजर आईं।

जैसे ही क्रांति ने 'ऑनर्स बोर्ड' पर अपना नाम लिखा, उनकी टीम की साथी खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ के सदस्यों ने जोरदार तालियों के साथ उस उपलब्धि का जश्न मनाया, जिसे लॉर्ड्स में किसी महिला क्रिकेटर ने पहले कभी हासिल नहीं किया था।

क्रांति ने ही वह शानदार स्पेल डाला था जिससे यह मौका मुमकिन हो पाया। उन्होंने टैमी ब्यूमोंट, मैया बाउचियर, ऐलिस कैप्सी, इंग्लैंड की कप्तान नैट साइवर-ब्रंट और लॉरेन बेल को आउट करके यादगार 'फाइव विकेट हॉल' लिया, जिससे भारत ने टेस्ट मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत क्रांति ने भारतीय क्रिकेट इतिहास में अपनी जगह बना ली।

इसी के साथ क्रांति महज 22 साल की उम्र में, टेस्ट क्रिकेट की एक पारी में पांच विकेट लेने वाली सबसे युवा भारतीय महिला तेज गेंदबाज बन गईं। इस मामले में उन्होंने झूलन गोस्वामी का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने साल 2005 में नई दिल्ली में इंग्लैंड के खिलाफ यह कारनामा किया था, तब वह क्रांति से 28 दिन बड़ी थीं।

क्रांति अब टेस्ट मैच में 'फाइव विकेट हॉल' लेने वाली सिर्फ तीसरी भारतीय महिला तेज गेंदबाज बन गई हैं। वह झूलन गोस्वामी और गार्गी बनर्जी के साथ इस खास लिस्ट में शामिल हो गई हैं। साल 2006 में टॉन्टन में इंग्लैंड के खिलाफ दोनों पारियों में पांच-पांच विकेट लेने वाली गोस्वामी के बाद, किसी भारतीय महिला तेज गेंदबाज का टेस्ट क्रिकेट में यह पहला 'फाइव विकेट हॉल' है।

--आईएएनएस

आरएसजी

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