लंदन प्रोटेस्ट पर ओबीसी भाजपा यूके का दावा, ध्रुव राठी के विरोध प्रदर्शन में मौजूद थे आईएसआई से जुड़े लोग
लंदन, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। लंदन में हाल में हुए भारत विरोधी प्रदर्शनों को लेकर यूनाइटेड किंगडम में ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ भाजपा (ओबीसी बीजेपी यूके) के संयोजक बिक्रम बनर्जी ने बड़ा खुलासा किया। उन्होंने दावा किया कि ध्रुव राठी के विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आईएसआई से जुड़े पाकिस्तानी मुसलमान, आईएसआई फंडेड खालिस्तानी और पाकिस्तानी मीडियाकर्मी मौजूद थे, जिसके सबूत उनके पास हैं।
लंदन में हुए प्रदर्शनों को लेकर ओबीसी भाजपा यूके के संयोजक बिक्रम बनर्जी ने कहा, शुक्रवार और शनिवार को हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान मैं वहां अवलोकन करने गया था और फिर प्रवासी समुदाय की ओर से इस भारत विरोधी विरोध प्रदर्शन की सामान्य प्रतिक्रिया यह थी कि बड़ी संख्या में प्रवासी समुदाय के लोग वहां मौजूद थे। मैंने जो देखा, वह काफी परेशान करने वाला था, लेकिन मुझे खुशी है कि सीजेपी, कांग्रेस और वामपंथी नक्सली पारिस्थितिकी तंत्र का पर्दाफाश हो गया है।
उन्होंने कहा कि ध्रुव राठी के विरोध प्रदर्शन में हमने देखा कि आईएसआई और पाकिस्तानी मुसलमानों की महत्वपूर्ण उपस्थिति थी। हमने पाकिस्तानी उपस्थिति देखी। हमने खालिस्तानी भी देखे, जिन्हें आईएसआई द्वारा वित्त पोषित किया गया था। पाकिस्तानी मीडियाकर्मी भी उसका हिस्सा थे। हमारे पास इसका सबूत है। हमने कुछ परेशान करने वाली घटनाओं की पहचान की है। कुछ लोगों का भारत से संबंध है और हम उन विवरणों को अधिकारियों के साथ साझा कर रहे हैं ताकि वे आईएसआई से उनके संबंधों की जांच कर सकें।
बिक्रम बनर्जी ने कहा कि यह परेशान करने वाला है। लोकतंत्र में हर किसी को विरोध करने का अधिकार है और भारत एक लोकतंत्र है। हर कोई देख रहा है कि राहुल गांधी बकवास मुद्दों को उठा रहे हैं, लेकिन परेशान करने वाली बात तब होती है, जब भारत विरोधी ताकतें और पश्चिमी निहित स्वार्थ इसमें शामिल होते हैं, क्योंकि यह डीप स्टेट भारत की विकास गाथा को पचा नहीं सकता और पीएम मोदी को नियंत्रित नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा कि जैसा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, 'पीएम मोदी हमारे देश के लिए जो अच्छा है, उसका पालन करते हैं'। इसीलिए वे अस्थिरता की ये चालें चलने की कोशिश कर रहे हैं जो बांग्लादेश में काम आईं, लेकिन भारत में काम नहीं करेंगी, क्योंकि भारत एक बहुत मजबूत लोकतंत्र है।
बिक्रम बनर्जी ने कहा कि इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र को पलटने और नष्ट करने की कोशिश की थी और वह विफल रहीं। भारतीय लोगों ने इसका जवाब दे दिया है। इसलिए भारत में कोई भी राजनीतिक दल ऐसा करने की हिम्मत नहीं करेगा। वर्तमान सरकार और वर्तमान संस्थान पूरी तरह से पारदर्शी हैं। हमारे पास विश्व की सर्वश्रेष्ठ लोकतांत्रिक और चुनावी प्रक्रियाओं में से एक है, जिसे और बेहतर भी बनाया जा सकता है। सुधार की हमेशा गुंजाइश होती है, विशेषकर प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में।
उन्होंने कहा कि एसआईआर अवैध रूप से देश में आए लोगों, विशेषकर बांग्लादेशी मुसलमानों, से संबंधित है। ममता बनर्जी और अन्य राजनीतिक ताकतों ने उन्हें मतदाता सूची में शामिल करके मतदाता बनाया। मृत लोगों, मृत मतदाताओं और प्रवासी मतदाताओं को हटाया गया और यह सब सही ढंग से किया गया। यहां तक कि पश्चिम बंगाल में भी उन्होंने बाधा डालने और समस्या खड़ी करने की कोशिश की।
ओबीसी भाजपा यूके के संयोजक ने कहा कि हमने देखा कि जब मामला अदालत गया, तो अदालत की निगरानी में प्रक्रिया स्थापित की गई और उसके तहत चुनाव हुए और हमने उसके परिणाम भी देखे।
लंदन में हुए प्रोटेस्ट के दौरान पाकिस्तानी, खालिस्तानी और फिलिस्तीनी लोगों की मौजूदगी और भारत के लिए आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल को लेकर उन्होंने कहा कि इसमें युवा पीढ़ी दिखाई नहीं दी। कांग्रेस के 4-5-10 लोग थे। कुछ वामपंथी एसएफआई के लोग थे, जो राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल थे। विभिन्न भारत-विरोधी समूहों, आईएसआई से जुड़े लोगों, कुछ पाकिस्तानी और खालिस्तानी तत्वों की मौजूदगी थी।
उन्होंने कहा कि छात्र कहां थे? छात्र हमारे साथ थे। शुक्रवार को भारतीय उच्चायोग में 600-700 छात्रों का कार्यक्रम निर्धारित था। वे पढ़ना चाहते थे, अपना भविष्य बनाना चाहते थे और राष्ट्र निर्माण करना चाहते थे। सुरक्षा कारणों से भारतीय उच्चायोग ने उनका कार्यक्रम रद्द कर दिया। यह चिंताजनक है। सबसे अधिक चिंताजनक बात यह है कि कांग्रेस पार्टी, जो कभी एक मध्यमार्गी लोकतांत्रिक पार्टी थी, अब राष्ट्र विरोधी लोगों के साथ खड़ी दिखाई दे रही है।
--आईएएनएस
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