लोकतांत्रिक देश में विरोध करने का अधिकार, अराजकता फैलाने की कोशिश गलत : दिलीप घोष
कोलकाता, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष द्वारा लगातार किए जा रहे विरोध-प्रदर्शन पर पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने विपक्ष के आंदोलन को राजनीतिक ड्रामा करार दिया और कहा कि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम से खुश है।
पश्चिम बंगाल के पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "किसी भी लोकतांत्रिक देश में कोई भी अपनी बात रख सकता है, आंदोलन कर सकता है या विरोध कर सकता है। लोग ऐसा कर भी रहे हैं। लेकिन जिस तरह से देश में अराजकता फैलाने, प्रशासन को गुमराह करने और जनता को गुमराह करने के लिए आंदोलन चलाया जा रहा है, वह किसी के हित में नहीं है।"
दिलीप घोष ने कहा, "कोई सड़क पर सोकर या लेटकर ड्रामा कर रहा है। कोई पेड़ पर चढ़ रहा है। ऐसा व्यक्ति जिसने अपनी पूरी जिंदगी में कभी पेड़ नहीं चढ़ा, वह 60 साल की उम्र में पेड़ पर चढ़ रहा है। इस ड्रामे से कुछ नहीं निकलेगा। जनता पीएम मोदी के कार्य से खुश है। उनके नेतृत्व में अच्छा काम हो रहा है। कुछ लोग नहीं मानते तो उससे क्या फर्क पड़ता है।"
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि केंद्र सरकार संविधान के दायरे में रहकर काम कर रही है और सभी फैसले न्यायिक प्रक्रिया के तहत लिए जा रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव हारने के बाद इस तरह के विरोध-प्रदर्शन करना उनकी पुरानी आदत बन गई है। कुछ दिन सड़कों पर प्रदर्शन करने से कुछ हासिल नहीं होगा।
उन्होंने आगे कहा कि सरकारें बनती और गिरती रहती हैं, और लोकतंत्र आगे बढ़ता रहता है। जो लोग चुनाव हार जाते हैं, वे कोई न कोई मुद्दा उठाते हैं, सड़कों पर उतरते हैं और कुछ दिनों तक विरोध-प्रदर्शन करते हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की जनता प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों से संतुष्ट है और विपक्ष के इस तरह के नाटक से जनता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
--आईएएनएस
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