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लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन निजी हमले स्वीकार्य नहीं : रोहन गुप्ता

लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन निजी हमले स्वीकार्य नहीं : रोहन गुप्ता
लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन निजी हमले स्वीकार्य नहीं : रोहन गुप्ता

अहमदाबाद, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाए जाने की मांगों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा पीएम मोदी के पिता पर की गई टिप्पणी को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।

भाजपा के राष्ट्रीय सचिव रोहन गुप्ता ने कांग्रेस सांसद इमरान मसूद द्वारा खड़गे की टिप्पणी का बचाव करने और सीटीआई द्वारा राहुल गांधी से 1 नवंबर की रैली टालने की अपील पर प्रतिक्रिया दी है।

आईएएनएस से बात करते हुए रोहन गुप्ता ने कहा, "कांग्रेस की बौखलाहट सामने आ रही है। मल्लिकार्जुन खड़गे बड़े नेता हैं, लेकिन उनकी भाषा देखें, हताशा साफ दिखाई देती है। लोकतंत्र में विरोध सभी का अधिकार है, लेकिन वह व्यक्तिगत टिप्पणी में चले जाते हैं। जनता के दरबार में जिनकी हार होती है, वही ऐसी गतिविधि में मजबूर होते हैं।"

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को देश के इतिहास को देखना चाहिए। देश की जनता नफरत नहीं चाहती है। वे जितनी नफरत करते हैं, देश की जनता उन्हें जवाब देगी।

1 नवंबर को प्रस्तावित कांग्रेस की रैली पर भी रोहन गुप्ता ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "एक नवंबर की रैली के साथ कांग्रेस ने दो मैसेज दिए हैं। एक कि उनकी रैली कभी जनता के लिए नहीं थी, वहीं दूसरा, कांग्रेस राज में 1 नवंबर को जिस प्रकार से सिख समाज के खिलाफ गतिविधियां की गई थीं, क्या कांग्रेस पार्टी उसे भूल गई?"

उन्होंने कहा, "पूरा आंदोलन जनता के लिए नहीं, बल्कि तख्तापलट के लिए था। उन्हें बांग्लादेश की तरह तख्तापलट करना था। आज वही कांग्रेस पार्टी, जब दीपावली का समय व्यापारियों के लिए सबसे अहम होता है, उस दिन भी वह राजनीति करने से बाज नहीं आ रही। व्यापारियों ने चिट्ठी लिखकर प्रदर्शन को थोड़े दिन बाद करने का अनुरोध किया, लेकिन कांग्रेस पार्टी क्या इतना भी नहीं कर सकती है। यह सभी कांग्रेस पार्टी की हताशा को दिखाता है।"

रोहन गुप्ता ने कहा, "देश की जनता सबकुछ देख रही है। न पहले उन्होंने नफरत को हावी होने दिया और न ही अब होने देंगे। लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है। अगर उनके पास कोई सबूत है तो सुप्रीम कोर्ट में देते या राष्ट्रपति को देते। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाता।"

भाजपा नेता ने कहा कि विपक्ष अपनी कोर्ट में ऑर्डर दे दें कि किसी ने गलती की है, क्योंकि आप चुनाव हार रहे हैं। यह देश का लोकतंत्र है। यह उनका कार्यालय नहीं है कि वे शासन करें। देश की जनता इसका बदला लेगी। वे जितना भी विफल प्रयास करें, देश की जनता ऐसे षड्यंत्र में नहीं फंसेगी।

--आईएएनएस

एससीएच/वीसी

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