लोकसभा और राज्यसभा में फिर हंगामा, किरेन रिजिजू ने दिया नियमों का हवाला
नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। राज्यसभा व लोकसभा में गुरुवार को भी जोरदार हंगामा हुआ। हंगामे के कारण दोनों ही सदनों की कार्यवाही शुरू होने के कुछ देर बाद ही स्थगित हो गई। लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
कार्यवाही स्थगित किए जाने से पहले, राज्यसभा में हंगामे के बीच बोलते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष व नेता प्रतिपक्ष पर संसदीय नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया। राज्यसभा में हंगामे के बीच किरेन रिजिजू ने विपक्ष को नियमों की याद दिलाई। राज्यसभा में सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ देर तक शांति बनी रही। इस दौरान विभिन्न रिपोर्टों व पेपर सदन में रखे गए।
इसके ठीक बाद शून्यकाल की कार्यवाही शुरू होके ही किए जाने से पहले विपक्षी सांसदों ने जमकर नारेबाजी की। विपक्ष के कई सांसद प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस बल के उपयोग को मुद्दा सदन में उठाना चाहते थे। इसको लेकर सदन में लगातार हंगामा व नारेबाजी होती रही। हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष, खासकर नेता प्रतिपक्ष पर संसदीय नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया। किरेन रिजिजू की बातों का जवाब देने के लिए नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे ही खड़े हुए तो सदन में और हंगामा शुरू हो गया। अब सत्ता पक्ष व विपक्षी सांसदों ने एक साथ बोलने शुरू कर दिया। सदन में हंगामा बढ़ता देख सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन की कार्यवाही से जुड़े नियमों का हवाला देते हुए विपक्षी सदस्यों से व्यवस्था बनाए रखने को कहा। रिजिजू ने कहा कि राज्यसभा के नियम स्पष्ट करते हैं कि कोई भी सदस्य जब बोल रहा हो, तब उसे बीच में बाधित नहीं किया जा सकता। किसी सदस्य के भाषण के दौरान शोर-शराबा करना, अव्यवस्थित टिप्पणियां करना, लगातार टोका-टोकी करना या किसी भी तरह से सदन की कार्यवाही में व्यवधान डालना संसदीय नियमों के विरुद्ध है।
उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही नियमों के अनुसार चलनी चाहिए और बार-बार एक ही बात दोहराना संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं है। राज्यसभा के नियमों में स्पष्ट प्रावधान है कि यदि कोई सदस्य एक बात को बार-बार दोहराता रहता है और लगातार अप्रासंगिक बातें करता है, तो सभापति पहले उसका ध्यान इस ओर आकर्षित कर सकते हैं। इसके बाद भी यदि सदस्य नहीं मानता, तो सभापति उसे अपना भाषण रोकने का निर्देश दे सकते हैं।
उन्होंने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कहा कि वे सदन में रोज वही बातें दोहराते हैं। सदस्य खड़े होकर हर दिन एक जैसी बातें कहते हैं। यह लगातार दोहराव है और नियमों के खिलाफ है। रिजिजू ने विपक्ष के नए सदस्य व कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा के लिए कहा कि वह अभी हाल ही में संसद पहुंचे हैं, उन्हें पहले संसदीय नियमों का अध्ययन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सदन में बोलने और आचरण करने के नियमों का पालन सभी सदस्यों के लिए आवश्यक है। रिजिजू के वक्तव्य के दौरान विपक्षी सदस्य लगातार नारेबाजी करते रहे, जिससे सदन में हंगामे का माहौल बना रहा।
--आईएएनएस
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