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लोक सभा अध्यक्ष ने महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी

नई दिल्ली, 14 फरवरी (आईएएनएस)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।
लोक सभा अध्यक्ष ने महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी

नई दिल्ली, 14 फरवरी (आईएएनएस)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।

ओम बिरला ने अपने संदेश में कहा कि हमारी सभ्यता और संस्कृति के पावन पर्व महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर आप सभी को हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएं। यह आस्था, साधना और आत्मचिंतन का पर्व है। महाशिवरात्रि हमें भगवान शिव की अनंत करुणा, त्याग, संयम और संकल्प शक्ति का स्मरण कराती है।

उन्होंने कहा कि भगवान शिव अन्याय पर न्याय की जीत के, अधर्म पर धर्म की जीत के, सेवा-सादगी और सद्भाव के प्रतीक हैं। वे हमें सिखाते हैं कि हम विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखें और विष को भी अमृत में बदलने का साहस रखें।

उन्होंने कहा कि सत्य के मार्ग पर अडिग शिव का ‘नीलकंठ’ स्वरूप हमें यह संदेश देता है कि समाज के कल्याण के लिए त्याग और सेवा की भावना आवश्यक है। इस पावन अवसर पर मैं सभी से आग्रह करता हूं कि महाशिवरात्रि को श्रद्धा, शांति और संयम के साथ मनाएं। मंदिरों में दर्शन के साथ-साथ अपने मन-मंदिर को भी निर्मल बनाएं। भगवान भोलेनाथ की कृपा आप सभी पर बनी रहे। आपका जीवन सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण हो। हर हर महादेव!"

बता दें कि महाशिवरात्रि भगवान शिव के साथ ही माता पार्वती की उपासना का सबसे खास और दिव्य पर्व है। इसे सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि शिव चेतना को पूरी तरह जागृत करने वाली रात माना जाता है। इस रात शिव की पूजा बेहद फलदायी और सिद्ध मानी जाती है। इस वर्ष महाशिवरात्रि 15 फरवरी, रविवार को मनाई जाएगी।

यह पर्व फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर पड़ती है, जो भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन, आध्यात्मिक जागरण और श्रद्धा का प्रतीक है। भक्त इस दिन व्रत रखते हैं, शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा आदि चढ़ाते हैं, और रात्रि जागरण करते हुए शिवमंत्रों का जाप करते हैं।

त्रयोदशी तिथि 14 फरवरी की शाम 5 बजकर 4 मिनट तक रहेगी, इसके बाद चतुर्दशी शुरू हो जाएगी। 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का मुख्य दिन होगा, जहां चतुर्दशी तिथि पूरे दिन और रात प्रभावी रहेगी। दृक पंचांग के अनुसार रविवार को नक्षत्र उत्तराषाढ़ा शाम 7 बजकर 48 मिनट तक रहेगा, उसके बाद श्रवण लग जाएगा। योग व्यतीपात है, जो 16 फरवरी की देर रात 2 बजकर 47 मिनट तक है। चंद्रमा मकर राशि में संचरण करेंगे। वहीं, सूर्योदय 7 बजे और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 11 मिनट पर होगा।

--आईएएनएस

एमएस/

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