MP में अगले 2 दिन हल्की बारिश और बादलों का दौर, 6 अगस्त से सक्रिय होगा नया सिस्टम; कई जिलों में भारी बारिश के आसार
मध्य प्रदेश में फिलहाल बारिश के बड़े सिस्टम दूर बने हुए हैं। इसके चलते सोमवार को प्रदेश में कहीं भी तेज बारिश दर्ज नहीं की गई। हालांकि, कई इलाकों में बादल छाए रहे और कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी का दौर जारी रहा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिन यानी 4 और 5 अगस्त को भी प्रदेश में मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहने की संभावना है।
IMD भोपाल के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल मानसून की गतिविधियां कमजोर हैं। आसमान में बादलों की मौजूदगी बनी रहेगी, लेकिन तेज बारिश के लिए जरूरी सिस्टम सक्रिय नहीं है। ऐसे में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है। मौसम विभाग ने बताया कि 6 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असर मध्य प्रदेश में दिखाई देने लगेगा। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कुछ जिलों में भारी बारिश होने की संभावना भी जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद वातावरण में नमी बढ़ेगी, जिससे बादलों का निर्माण और बारिश की संभावना मजबूत होगी। इस दौरान कई जिलों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।फिलहाल प्रदेश के किसानों की नजर भी आने वाले मौसम पर टिकी हुई है। खरीफ फसलों के लिए बारिश बेहद जरूरी है। कई इलाकों में मानसून की कमजोर गतिविधियों के कारण किसानों को पर्याप्त पानी का इंतजार है। विशेष रूप से धान, सोयाबीन और अन्य खरीफ फसलों के लिए अच्छी बारिश की आवश्यकता बनी हुई है।
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि बारिश के दौरान सावधानी बरतें और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखें। वहीं, प्रशासन को भी संभावित भारी बारिश वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने के निर्देश दिए जा सकते हैं।प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी जरूर है, लेकिन 6 अगस्त के बाद मौसम में बदलाव की उम्मीद है। यदि नया सिस्टम प्रभावी रहा तो मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर फिर से तेज हो सकता है।

