Samachar Nama
×

'लेटर्स टू अ यंग पोएट' ने मनीषा कोइराला का बदल दिया नजरिया, एक्ट्रेस ने शेयर किया अनुभव

'लेटर्स टू अ यंग पोएट' ने मनीषा कोइराला का बदल दिया नजरिया, एक्ट्रेस ने शेयर किया अनुभव
'लेटर्स टू अ यंग पोएट' ने मनीषा कोइराला का बदल दिया नजरिया, एक्ट्रेस ने शेयर किया अनुभव

मुंबई, 23 जुलाई (आईएएनएस)। अभिनेत्री मनीषा कोइराला ने गुरुवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट से बताया कि उन्होंने हाल ही में एक ऐसी किताब खत्म की, जिसने उनके दिल को अंदर से छुआ।

अभिनेत्री मनीषा कोइराला ने इंस्टाग्राम पर कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, "संयोग से, एक दोस्त ने मुझे करीब एक महीने पहले 'लेटर्स टू अ यंग पोएट' किताब उपहार में दी थी। मैंने उसे अपने बिस्तर के पास रख दिया था, यह सोचकर कि कभी समय मिलेगा तो पढ़ूंगी। आखिरकार मैंने इस किताब को पढ़ा और इसने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या कुछ किताबों का अपना एक सही समय होता है? वे हमारी जिंदगी में तब आ जाती हैं, जब हम उनके लिए तैयार नहीं होते और फिर चुपचाप इंतजार करती रहती हैं उस पल का, जब हमें उनकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है। "

अभिनेत्री ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए बताया कि जीवन के कठिन समय में किताबें उनका सहारा बनीं। उन्होंने लिखा, "एक कलाकार के रूप में जब जिंदगी की जटिल भावनाओं को शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल हो जाता है, तब किताबें हमेशा मेरे लिए एक सहारा रही हैं। उन्होंने मुझे उन भावनाओं को समझने में मदद की है, जिनके लिए शायद मेरे पास सही शब्द नहीं थे।"

उन्होंने आगे लिखा, "राइनर मारिया रिल्के की 'लेटर्स टू अ यंग पोएट' ने मुझे तीन ऐसी बातें याद दिलाईं, जो सच होती हैं। पहली, खुद के भीतर झांकना, क्योंकि सबसे गहरे जवाब अक्सर बाहर नहीं, बल्कि हमारे अंदर मिलते हैं। दूसरी, अकेलेपन को स्वीकार करना, क्योंकि इसी शांत समय में कलाकार और आत्मा दोनों का विकास होता है और तीसरी, जीवन पर भरोसा रखना और अपने सवालों के साथ जीना सीखना, क्योंकि समय के साथ उनके जवाब खुद सामने आ जाते हैं।"

अभिनेत्री ने बताया कि किताब पढ़ने के बाद उन्हें काफी हल्का महसूस हुआ। उन्होंने लिखा, "किताब के बंद होने के बाद ऐसा लगा कि ऐसे मन शांत हो गया, जैसे किसी ने मुझे अंदर तक समझ लिया हो। शायद यही अच्छी किताबों की खूबसूरती होती है। वे हमें सिर्फ जवाब नहीं देतीं, बल्कि धीरे से हमें खुद तक वापस पहुंचा देती हैं। क्या आपने कभी ऐसी किताब पढ़ी है, जो आपकी जिंदगी में बिल्कुल सही समय पर आई हो?"

--आईएएनएस

एनएस/वीसी

Share this story