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‘लिगेसी वेस्ट मुक्त गुजरात’ की दिशा में बढ़ते कदम, अब तक 273.33 लाख मीट्रिक टन पुराने कूड़े का निस्तारण

गांधीनगर, 3 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में राज्य में शहरीकरण को एक नई दिशा दी थी। उन्होंने गुजरात में योजनाबद्ध शहरी विकास, मजबूत नगर पालिका व्यवस्था और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूत आधारशिला रखी थी।
‘लिगेसी वेस्ट मुक्त गुजरात’ की दिशा में बढ़ते कदम, अब तक 273.33 लाख मीट्रिक टन पुराने कूड़े का निस्तारण

गांधीनगर, 3 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में राज्य में शहरीकरण को एक नई दिशा दी थी। उन्होंने गुजरात में योजनाबद्ध शहरी विकास, मजबूत नगर पालिका व्यवस्था और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूत आधारशिला रखी थी।

आज मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार ‘शहरीकरण समस्या नहीं, बल्कि अवसर’ के मंत्र के साथ शहरों को ग्रीन, क्लीन और रहने लायक बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। जब बात शहरीकरण की हो, तब स्वच्छता, आधुनिक और टिकाऊ ढांचागत सुविधा के अलावा लिगेसी वेस्ट यानी वर्षों पुराने कूड़े का निस्तारण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। लिगेसी वेस्ट निस्तारण के व्यापक अभियान के परिणामस्वरूप गुजरात वर्षों पुराने कूड़े के निस्तारण के मामले में बड़े राज्यों की श्रेणी में शीर्ष प्रदर्शन करने वाला राज्य बन गया है।

गुजरात के शहरी क्षेत्रों में कुल 304.09 लाख मीट्रिक टन लिगेसी वेस्ट की पहचान की गई है, जिसमें से अब तक 273.33 लाख मीट्रिक टन कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि गुजरात सरकार ने मार्च 2026 तक राज्य के शहरों में 100% लिगेसी वेस्ट रिमेडिएशन का लक्ष्य निर्धारित किया है।

लिगेसी वेस्ट मैनेजमेंट : शहरी विकास का महत्वपूर्ण मानदंड

गुजरात सरकार के शहरी विकास विभाग ने शहरों में स्वच्छता, आधुनिक और टिकाऊ ढांचागत सुविधाओं और नागरिकों के ईज ऑफ लिविंग यानी जीवन जीने की सुगमता को बढ़ाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है, जिसके परिणामस्वरूप राज्य ने शहरी विकास के क्षेत्र में लंबी छलांग लगाई है। उल्लेखनीय बात यह है कि गुजरात वर्षों से डम्प साइटों में जमा हुए कूड़े के वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण के मामले में भी बड़े राज्यों की श्रेणी में सबसे आगे है। लिगेसी वेस्ट मैनेजमेंट शहरी विकास के लिए अत्यंत आवश्यक मापदंड है। वर्षों से डम्प साइटों में जमा हुए कूड़े के निपटान से प्रदूषण और स्वास्थ्य का खतरा कम होता है। साथ ही, खाली हुई भूमि विकास कार्यों को बढ़ावा देने और ग्रीन स्पेस बढ़ाने के लिए उपयोगी सिद्ध होती है।

लिगेसी वेस्ट के निपटान से 902 एकड़ भूमि खाली हुई, मीथेन उत्सर्जन में आई उल्लेखनीय कमी

राज्य के महानगर पालिका और नगर पालिका क्षेत्रों में डम्प साइटों के साफ होने से बड़े पैमाने पर भूमि खाली हुई है। राज्य सरकार ने लिगेसी वेस्ट के निस्तारण के लिए जो प्रयास शुरू किए हैं, उसके परिणामस्वरूप लगभग 902 एकड़ भूमि खाली हुई है। इस जमीन का उपयोग प्रोसेसिंग प्लांट बनाने के काम के लिए किया गया है। इसके अलावा, अहमदाबाद की बोपल-घूमा डम्प साइट तथा राजकोट की नाकरावाड़ी डम्प साइट को साफ करके मियावाकी वन बनाए गए हैं। डम्प साइटों के वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण से मीथेन गैस के उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आई है तथा डम्प साइटों पर कूड़े में आग लगने की घटनाओं से संबंधित समस्याओं का प्रभावी रूप से समाधान हुआ है।

लिगेसी वेस्ट के निस्तारण से स्वच्छता और शहरी विकास को मिली एक नई दिशा

गुजरात सरकार शहरों में वर्षों से जमा कूड़े के वैज्ञानिक तरीके से निपटान के जरिए पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक स्वास्थ्य और शहरी विकास को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत है। राज्य सरकार ने निर्मल गुजरात 2.0 योजना के अंतर्गत शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) के लिए लिगेसी वेस्ट के वैज्ञानिक तरीके से निपटान के लिए 75 करोड़ रुपए का विशेष फंड आवंटित किया है। यह योजना स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अनुरूप है और ‘कूड़ा मुक्त शहरों’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में कार्यरत है। लिगेसी वेस्ट मैनेजमेंट के माध्यम से शहरों को और भी स्वच्छ, स्वस्थ और टिकाऊ बनाने की दिशा में गुजरात देश के अन्य राज्यों के लिए एक मिसाल बन रहा है।

--आईएएनएस

एएस/

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