लॉरेंस बिश्नोई साबरमती जेल से साम्राज्य कैसे चला रहा है, सरकार जवाब दे : सचिन सावंत
मुंबई, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को लेकर केंद्र और महाराष्ट्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि लॉरेंस बिश्नोई साबरमती जेल से इतना बड़ा साम्राज्य कैसे चला सकता है? अभी पुलिस अफसर उसको 'लॉरेंस बिश्नोई साहब' कह रहे हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि महाराष्ट्र में बाबा सिद्दीकी की हत्या हुई, सलमान खान के घर पर हमला हुआ था और बॉलीवुड के कई स्टारों तथा निर्माताओं को धमकियां आ रही हैं। बार-बार एक ही गैंग का नाम आ रहा है। अब टाइगर श्रॉफ के मामले में जिस तरह की घटनाएं हुईं, उस पर जो हमला हुआ तो आज महाराष्ट्र पुलिस जाकर उसकी कस्टडी भी नहीं ले सकती। क्यों नहीं? क्यों बचाया जा रहा है? इसके पीछे क्या राज है? यह तो बताना पड़ेगा।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि आज जितने भी गैंगस्टर हैं, वे पूरी जिम्मेदारी लेते हैं कि हमला हमने किया, हम लॉरेंस बिश्नोई के साथी हैं तो बिश्नोई तो उधर जेल में बैठा हुआ है, फिर यह कैसे हो पाता है? जनता तो सवाल पूछेगी और उसका जवाब देना पड़ेगा। क्या सरकार की इसमें कोई सोच है? सरकार की कोई नीति है? क्या गैंगस्टर के पीछे छिपकर कुछ करना चाह रही है? खुलकर बताए।
उन्होंने कहा कि किरेन रिजिजू वही बोलते हैं जो पीएम मोदी कहते हैं। उनके बोलने पर कोई विश्वास नहीं रख सकता। ये संसदीय कार्य मंत्री हैं, लेकिन असंसदीय काम हमेशा करते हैं तो इन बातों का कोई मतलब नहीं है। आज तक नरेंद्र मोदी हों या अमित शाह, संसद में जवाब नहीं दे पाए कि जंतर-मंतर पर बच्चों को मारने का आदेश किसने दिया था। जंतर-मंतर मामले में आज भी भाग रहे हैं। जनता जो सवाल पूछती है, उसका जवाब भी नहीं देते। मीडिया के सामने कभी आते नहीं। अमित शाह मीडिया के सामने आते हैं तो कहते हैं, “ये सवाल मत पूछो, वो सवाल मत पूछो।”
सचिन सावंत ने कहा कि विपक्ष के बारे में सम्मान इनके पास नहीं है। ये लोकतंत्र का भी सम्मान नहीं करते हैं। सरकार को विपक्ष की मांगों का सम्मान करना चाहिए और संसद चलाना सरकार की जिम्मेदारी होती है। ऐसा अरुण जेटली कहकर गए हैं। तो अपनी जिम्मेदारी से हाथ मत धोइए। आज संसद आप खुद ही नहीं चलाना चाहते। संसद में विपक्ष को सवाल पूछने नहीं देते, बोलने नहीं देते। यह लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाने जैसा है।
उन्होंने कहा कि ये जो बयानबाजी हो रही है, यह महायुति में महाकुश्ती चल रही है। ये लोग जनता की सेवा के लिए एक साथ नहीं आए हैं, बल्कि सत्ता की प्राप्ति के लिए एक साथ आए हैं। मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इसके ख्वाब देख रहे हैं। देखने दीजिए 2029 तक। उसके बाद इनका क्या होगा, यह अगली सरकार तय करेगी।
कांग्रेस नेता ने कहा कि मैं समझता हूं कि इसका जवाब भारतीय जनता पार्टी को देना चाहिए। लेकिन जनता को अगर जवाब देना है, तो जनता 2029 में देगी। एकनाथ शिंदे जी के दोबारा चुनकर आने के भी लाले पड़ने वाले हैं। निश्चित तौर पर महायुति में महाकुश्ती चल रही है। इसमें कोई दो राय नहीं है। ये लोग विचारों के कारण एक साथ नहीं आए हैं, बल्कि सत्ता के लिए एक साथ आए हैं। इनका विचार सत्ता का विचार है, जनसेवा का विचार नहीं है।
--आईएएनएस
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