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डोडा में लश्कर आतंकी का शव बरामद, नाइट विजन वाली M4 राइफल भी मिली; अफगान युद्ध से जुड़ा है कनेक्शन

डोडा में लश्कर आतंकी का शव बरामद, फुटेज में देंखे नाइट विजन वाली M4 राइफल भी मिली; अफगान युद्ध से जुड़ा है कनेक्शन

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सुरक्षाबलों को शनिवार को बड़ी कामयाबी मिली। संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक पाकिस्तानी आतंकी के शव और उसके पास से M4 असॉल्ट राइफल बरामद की। खास बात यह है कि बरामद राइफल नाइट विजन क्षमता से लैस बताई जा रही है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए इस कार्रवाई की जानकारी साझा की।

SOG, राष्ट्रीय राइफल्स और CRPF का संयुक्त ऑपरेशन

पुलिस के मुताबिक, डोडा में आतंकियों की तलाश के लिए SOG डोडा, राष्ट्रीय राइफल्स और CRPF की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया था। तलाशी के दौरान टीम को आतंकी के अवशेष मिले। इसके बाद इलाके में सुरक्षा और तलाशी अभियान को और तेज कर दिया गया।सुरक्षाबलों की ओर से बरामद सामान की जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार मृत आतंकी का संबंध पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से बताया जा रहा है।

आतंकी के पास मिली M4 राइफल क्यों खास?

सुरक्षाबलों को आतंकी के पास से M4 असॉल्ट राइफल मिली है। यह आधुनिक और हल्की राइफल है, जिसका इस्तेमाल सैन्य अभियानों और विशेष रूप से युद्ध तथा शहरी संघर्ष जैसी परिस्थितियों में किया जाता है। बरामद हथियार में नाइट विजन क्षमता होने की बात भी सामने आई है, जिससे अंधेरे में ऑपरेशन के दौरान निशाना साधने में मदद मिल सकती है।M4 राइफल का इतिहास भी काफी अहम है। 1980 के दशक के दौरान विकसित इस राइफल का इस्तेमाल अमेरिकी सेना और NATO बलों ने अफगानिस्तान समेत कई सैन्य अभियानों में किया। अफगानिस्तान से अमेरिकी और NATO बलों की वापसी के बाद बड़ी मात्रा में आधुनिक हथियार तालिबान के कब्जे में चले गए।

अफगानिस्तान से पाकिस्तान और फिर कश्मीर तक हथियारों की पहुंच

सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से इस बात को लेकर चिंता जताती रही हैं कि अफगानिस्तान में छोड़े या कब्जे में आए आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल क्षेत्र में सक्रिय आतंकी नेटवर्क कर सकते हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, ऐसे हथियार बाद में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों तक पहुंचे और कश्मीर में घुसपैठ करने वाले आतंकियों के पास भी देखे गए।डोडा में M4 राइफल की बरामदगी ऐसे समय हुई है, जब सुरक्षाबल जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी और जंगल वाले इलाकों में आतंकियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं। इस बरामदगी से यह भी पता चलता है कि आतंकी संगठन आधुनिक हथियारों और तकनीक का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं।सुरक्षाबलों की टीम अब बरामद हथियार और अन्य सामग्री की जांच कर रही है। इसके साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मारा गया आतंकी डोडा इलाके में कब से सक्रिय था और उसके स्थानीय नेटवर्क से कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।

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