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लालू परिवार पर गुरु प्रकाश पासवान का तंज, पाप का घड़ा एक दिन फूटना ही था

पटना, 11 जनवरी (आईएएनएस)। बहुचर्चित लैंड फॉर जॉब मामले में लालू परिवार पर आरोप तय होने को लेकर राजनीति खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने कहा कि पाप का घड़ा एक दिन फूटना ही था। उसी तरह लालू यादव के साथ हुआ है।
लालू परिवार पर गुरु प्रकाश पासवान का तंज, पाप का घड़ा एक दिन फूटना ही था

पटना, 11 जनवरी (आईएएनएस)। बहुचर्चित लैंड फॉर जॉब मामले में लालू परिवार पर आरोप तय होने को लेकर राजनीति खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने कहा कि पाप का घड़ा एक दिन फूटना ही था। उसी तरह लालू यादव के साथ हुआ है।

गुरु प्रकाश पासवान ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि जिस तरह से लालू परिवार ने भ्रष्टाचार का नया रिकॉर्ड बनाया और अब कोर्ट ने आरोप तय किए हैं। भारत के इतिहास में पहली बार बिना किसी विज्ञापन के नौकरियां दी गईं। उसके बाद नौकरी के बाद भूमि लिखाई गई।

उन्होंने कहा कि ये किसी से छुपा नहीं है कि लालू परिवार ने कई सरकारी जमीन अपने नाम लिखवा ली थीं। इन लोगों ने अपने राज में जिस तरह से काम किया है, आने वाले इतिहास में भी कोई इस तरह का काम नहीं करेगा। हम लोग कोर्ट के आदेश का पालन करते हैं।

दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने बहुचर्चित लैंड फॉर जॉब मामले में कुल 98 आरोपियों में से 52 को आरोपमुक्त कर दिया था, जबकि शेष के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में 5 आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है। ऐसे में अब 41 लोगों के खिलाफ मुकदमा चलेगा। इस मामले में अगली सुनवाई अब 29 जनवरी को होगी।

अदालत ने पूर्व रेल मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के कई सदस्यों-राबड़ी देवी, तेज प्रताप यादव, तेजस्वी यादव, मीसा भारती और हेमा यादव-के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया।

आरोप है कि लालू प्रसाद यादव ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पत्नी और बच्चों के नाम अचल संपत्तियां जुटाईं। अदालत के अनुसार, इस पूरे मामले में अन्य आरोपियों ने भी आपराधिक षड्यंत्र में सक्रिय रूप से सहयोग किया। कोर्ट ने टिप्पणी की कि रेलवे में नौकरियों के बदले जमीन लेने का एक तरह का विनिमय सिस्टम चल रहा था, जिसके तहत कई लोगों को रेलवे में नौकरी दी गई और बदले में उनके या उनके परिजनों की जमीन ली गई।

--आईएएनएस

एसएके/वीसी

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